फिल्म ‘परिंदा’
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
इम्तियाज के नाम पर दूसरे का ‘परिंदा’
विधु विनोद चोपड़ा की फिल्मों में लेखक का खास महत्व होता है, फिर परिंदा के बाद आपने उनके लिए कोई दूसरी फिल्म में काम क्यों नहीं किया? ये सवाल करते ही परिंदा के संवाद लेखक इम्तियाज का गला भर आया। वह भावुक होकर बताते हैं, “फिल्म ‘शोले’ के बाद ‘परिंदा’ दूसरी फिल्म थी जिसके डॉयलॉग्स का कैसेट जारी हुआ। इस कैसेट के कवर पर छपा था ‘रिटेन, प्रोड्यूस्ड एंड डायरेक्टेड बाई विधु विनोद चोपड़ा’। ये कैसेट देखकर मशहूर निर्देशक शक्ति सामंत ने मुझे बुलाया और कहा, ‘ये कैसेट देखने के बाद कौन तुम्हें परिंदा का डॉयलॉग राइटर मानेगा।’ मशहूर निर्देशक बी आर इशारा ने भी विधु को इसे लेकर लंबा पत्र लिखा था। विधु का दफ्तर शक्ति सामंत के दफ्तर के बगल में ही था तो मैं कैसेट लेकर वहां चला गया और विधु से इस बारे में बात की। मैंने उन्हें तमाम बातें सुनाईं और कहा, ‘मैं अब तुम्हारे साथ कभी काम नहीं करूंगा। मैं दफ्तर से ये कहकर बाहर निकला तो विधु ने पीछे से आवाज लगाई और कहा कि ऐसा करने के बाद मुझे कहीं काम नहीं मिलेगा।’ लेकिन, तदबीर पर भरोसा करने वालों का तकदीर हमेशा साथ देती है। मुझे उसी दिन हेमा मालिनी के यहां से फोन आया। मैंने दिल आशना है लिखी, फिर वास्तव, अस्तित्व, गुलाम ए मुस्तफा जैसी तमाम सुपरहिट फिल्मों के संवाद लिखे।” फिल्म ‘परिंदा’ की पटकथा शिव कुमार सुब्रहमण्यम ने लिखी थी फिल्म में उन्होंने एक किरदार भी किया।