प्रतिष्ठित फिल्म निर्माता गुरु दत्त को भारतीय सिनेमा के स्वर्ण युग की शुरुआत करने का श्रेय दिया जाता है। 'प्यासा', 'कागज के फूल', 'साहब बीबी और गुलाम' और 'चौदहवीं का चांद' जैसी सर्वकालिक बेहतरीन हिंदी फिल्में बनाने वाले अभिनेता और निर्देशक का जन्म 9 जुलाई, 1925 को बेंगलुरु में हुआ था। हालांकि, रंगमंच के इस दिग्गज खिलाड़ी ने महज 39 की उम्र में दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी सदाबहार फिल्में उन्हें आज भी एक किंवदंती, प्रेरणा का स्रोत बनाती हैं।