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बॉलीवुड के वो विदाई गीत जिन्हें सुनकर भर आती हैं बेटियों की आंखें

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बाबुल की दुआएं, बाबुल जो तुमने सिखाया - फोटो : YouTube
हिंदी सिनेमा सिर्फ अपनी दमदार फिल्मों के लिए ही नहीं बल्कि अपने शानदार गानों के लिए भी जाना जाता है। बॉलीवुड में हर तरह कि स्थिति पर गाने बने हैं जिन्हें आम लोगों के फंक्शन से लेकर बड़ी बड़ी हस्तियों के कार्यक्रम में भी इस्तेमाल किया जाता है। इनमें शादी और विदाई के गाने भी शामिल हैं। बॉलीवुड में सिर्फ आज के समय में ही नहीं बल्कि 70-80 के दशक में विदाई को लेकर ऐसे गाने बने हैं जिन्हें सुनते हुए हर किसी की आंखें नम हो जाती हैं। इन्हें आज भी जब कोई बेटी सुन लेती है तो उसे अपना मायका याद आने लगता है और उसकी आंखें भर आती हैं।
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बाबुल की दुआएं - फोटो : YouTube
बाबुल की दुआएं 

साल 1968 में आई फिल्म 'नील कमल' के इस गाने में एक पिता के दिल का हाल दिखाया गया था जो अपनी बेटी को उसके ससुराल विदा करता है। मोहम्मद रफी की आवाज में सजे इस गीत को बलराज साहनी और वहीदा रहमान पर फिल्माया गया था। बताया जाता है कि मोहम्मद रफी इस गाने को गाते वक्त रोने लगते थे। इस गीत को उस वक्त तो काफी पसंद किया ही गया साथ ही आज भी किसी बेटी की विदाई के वक्त ये गाना जरूर सुनने को मिलता है।




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चलो रे डोली - फोटो : YouTube
चलो रे डोली उठाओ

1979 में आई हॉरर फिल्म 'जानी दुश्मन' को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। वहीं इस फिल्म का विदाई गीत 'चलो रे डोली उठाओ कहार' तो इस फिल्म की जान था। मोहम्मद रफी ने इस गीत को काफी खूबसूरती से गया था। फिल्म का ये गाना काफी मशहूर हुआ था। 


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बाबुल जो तुमने सिखाया - फोटो : YouTube
बाबुल जो तुमने सिखाया

1994 में आई फिल्म 'हम आपके हैं कौन' में बहुत से खूबसूरत गाने सुनने को मिले थे, लेकिन फिल्म का विदाई वाला गीत हर किसी को भावुक कर गया था। इस गाने में रेणुका शहाणे की विदाई दिखाई गई थी जो मोहनीश बहल से शादी करने के बाद अपने ससुराल जाती है। इस गीत के जरिए एक बेटी के दिल का हाल दिखाया गया था जो अपने माता पिता और बहन से कहती है कि वो उनकी सीख लेकर अब अपने ससुराल जा रही है। ये गाना आज भी बहुत लोकप्रिय है।





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बाबुल छोड़ी ना जाए - फोटो : YouTube
बाबुल छोड़ी ना जाए तेरी गलियां

फिल्म 'बेवफा से वफा' का ये विदाई गीत जूही चावला पर फिल्माया गया था। इस गीत में दिखाया गया था कि एक तरफ तो नई नवेली दुल्हन को अपने नए घर जाने की खुशी है वहीं दूसरी तरफ उसका बाबुल का घर उससे दूर हो रहा है। इस मार्मिक गाने को दर्शकों ने उस काफी पसंद किया था वहीं आज भी इस गाने को सुनकर लोग भावुक हो जाते हैं।



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चल री सजनी - फोटो : YouTube
चल री सजनी अब क्या सोचे

1960 में आई फिल्म 'बंबई का बाबू' में ये गीत 'चल री सजनी अब क्या सोचे' एक बेहद भावुक विदाई गीत है। एस डी बर्मन के संगीत से सजे इस गाने को सुनकर हर किसी की आंखें भर आईं थीं। इस गीत में दिखाया गया था कि कैसे जाती हुई दुल्हन अपने घर परिवार सबसे रोते हुए मिलती है और उसके पिता की भी आंखे भर आती है।




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ये गलियां ये चौबारा - फोटो : You Tube
ये गलियां ये चौबारा

1982 में रिलीज हुई फिल्म 'प्रेम रोग' में एक गीत है जो दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था। गीत के बोल थे- 'ये गलियां ये चौबारा'। इस गीत में दिखाया गया था कि लड़की शादी से पहले ही अपने विदाई के गाने गाती है और सबसे कहती है कि अब उसके लिए ये घर पराया हो रहा है। इस गीत को सुनकर आज भी लड़कियों की आंखों में आंसू आ जाते हैं।



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