16 जनवरी 1927 को लाहौर में जन्मी कामिनी कौशल करियर की दूसरी पारी में अभिनेता मनोज कुमार की ऑन स्क्रीन मां के रूप में चर्चित रहीं। उनके जन्मदिन पर आइए जानते हैं, उनके करियर की 10 दमदार भूमिकाओं के बारे में...
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कामिनी कौशल जन्मदिन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
हिंदी सिनेमा की सबसे बुजुर्ग कलाकार अभिनेत्री कामिनी कौशल आज अपना 97वां जन्मदिन मना रही हैं। कामिनी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत देश को आजादी मिलने से पहले चेतन आनंद के निर्देशन में बनी फिल्म 'नीचा नगर' से की। यह की पहली भारतीय फिल्म रही है, जिसका प्रीमियर कान फिल्म फेस्टिवल में हुआ। कामिनी कौशल दो साल पहले तक अभिनय में सक्रिय रही हैं और आखिरी बार वह दो साल पहले ही रिलीज हुई अभिनेता आमिर खान की फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' में नजर आईं थी। 16 जनवरी 1927 को लाहौर में जन्मी कामिनी कौशल करियर की दूसरी पारी में अभिनेता मनोज कुमार की ऑन स्क्रीन मां के रूप में चर्चित रहीं। दिलीप कुमार के करियर का पहला रोमांटिक किस्सा भी उन्हें ही लेकर बना था। उनके जन्मदिन पर आइए जानते हैं, उनके करियर की 10 दमदार भूमिकाओं के बारे में...
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कामिनी कौशल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
किरदार: रूपा
फिल्म: नीचा नगर (1946)
निर्देशक चेतन आनंद की फिल्म 'नीचा नगर' से अभिनेत्री कामिनी कौशल ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में कामिनी कौशल ने रूपा की भूमिका निभाई थी। फिल्म ‘नीचा नगर' का पहला प्रदर्शन 29 सितंबर 1946 को फ्रांस के कान अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में हुआ। वहां इस फिल्म को 'गोल्डन पाम' पुरस्कार मिला। इसी के साथ 'नीचा नगर' विदेश में अपना परचम लहराने वाली पहली भारतीय फिल्म बन गई। इसी फिल्म से प्रेरणा लेकर सत्यजीत रे ने फिल्मों में कदम रखा था। चतन आनंद ने भी अपने निर्देशन करियर की शुरुआत इसी फिल्म से की। यह फिल्म समाज में अमीर और गरीब के बीच की खाई पर एक अभिव्यक्तिवादी नजर डालती है।
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कामिनी कौशल-शीला, शहीद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
किरदार: शीला
फिल्म: शहीद (1948)
फिल्म 'शहीद' में पहली बार कामिनी कौशल अभिनेता दिलीप कुमार के साथ नजर आईं। रमेश सहगल के निर्देशन में बनी यह फिल्म भारत की आजादी के संघर्ष के बारे में थी। इस फिल्म में कामिनी कौशल ने शीला की भूमिका निभाई थी। 26 मार्च 1948 को रिलीज हुई यह फिल्म साल 1948 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म थी। फिल्म 'शहीद' की शूटिंग के दौरान ही दिलीप कुमार और कामिनी कौशल के प्रेम प्रसंग के चर्चे सुर्खियों में रहे, लेकिन इनका प्रेम सफल नहीं रहा। इस फिल्म के बाद दिलीप कुमार और कामिनी कौशल ने कई फिल्मों में काम किया।
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कामिनी कौशल-फुलवा, नदिया के पार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
किरदार: फुलवा
फिल्म: नदिया के पार (1948)
फिल्म 'शहीद' के बाद दिलीप कुमार और कामिनी कौशल की जोड़ी फिल्म 'नदिया के पार' में नजर आई। किशोर साहू के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दिलीप कुमार ने कुंवर सिंह और कामिनी कौशल ने फुलवा की भूमिका निभाई थी। कुंवर सिंह दिलोजान से फुलवा से प्यार करता है, लेकिन कुंवर का भाई इस रिश्ते के खिलाफ रहता है और अपने भाई की शादी किसी और से करा देते हैं। 18 दिसंबर 1948 को रिलीज यह फिल्म काफी सफल रही। फिल्म में दिलीप कुमार और कामिनी कौशल के अभिनय की खूब तारीफ हुई।
कामिनी कौशल-निर्मला,आग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
किरदार: निर्मला
फिल्म: आग (1948)
फिल्म 'आग' के जरिए राज कपूर ने पहली बार फिल्म निर्माण और निर्देशन में कदम रखा। यह फिल्म राज कपूर के करियर की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से एक है। वैसे तो इस फिल्म में राज कपूर और नरगिस की लीड भूमिका थी। लेकिन फिल्म में निर्मला की भूमिका में कामिनी कौशल की खूब तारीफ हुई है। यह फिल्म 6 अगस्त 1948 को रिलीज हुई थी।
फिल्म 'जिद्दी' में पहली बार देव आनंद और कामिनी कौशल की जोड़ी नजर आई थी। शाहिद लतीफ के निर्देशन में बनी यह फिल्म न सिर्फ देव आनंद और कामिनी कौशल के कैरियर की सफल फिल्म रही बल्कि इस फिल्म से अभिनेता प्राणभी हिंदी फिल्मों में स्थापित हो गए। इस फिल्म में कामिनी कौशल ने आशा की भूमिका निभाई थी। साल 1948 में रिलीज यह फिल्म उस साल की पांचवी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई थी। इस फिल्म में लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने पहली बार एक साथ युगल गीत 'ये कौन आया है' रिकॉर्ड किया था
कामिनी कौशल-शांति, शबनम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
किरदार: शांति
फिल्म: शबनम (1949)
फिल्म 'शबनम' की कहानी 1947 के रंगून युद्ध के शरणार्थी शांति और मनोज की है, जिन्हें बंगाल जाते समय रास्ते में प्यार हो जाता है। इस फिल्म में शांति की भूमिका कामिनी कौशल और मनोज की भूमिका दिलीप कुमार ने निभाई थी। बताया जाता है कि इस फिल्म को देखने के बाद मनोज कुमार फिल्म में दिलीप कुमार के किरदार मनोज से इतने प्रभावित हुए थे कि फिल्मों में आने के बाद अपना नाम हरिकिशन गोस्वामी से बदलकर मनोज कुमार रख लिया। बी. मित्रा के निर्देशन में बनी इस फिल्म का निर्माण फिल्मिस्तान स्टूडियो ने किया था और यह फिल्म 22 अप्रैल 1949 को रिलीज हुई थी।
कामिनी कौशल-कामिनी, आरजू
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
किरदार: कामिनी
फिल्म: आरजू (1950)
फिल्म 'आरजू' दिलीप कुमार और कामिनी कौशल के करियर की एक और सर्वश्रेष्ट फिल्म है। इस फिल्म में दिलीप कुमार ने बादल और कामिनी कौशल ने कामिनी की भूमिका निभाई है। कामिनी गलती से बादल को मृत मान लेती है और उसका दिल टूट जाता है। कामिनी की शादी ठाकुर से करा दी जाती है, लेकिन जब बादल वापस लौटता है तो सच्चाई न जानकर, कामिनी के प्रति प्रतिशोध से भर जाता है। शहीद लतीफ के निर्देशन में बनी यह फिल्म 16 जून 1950 को रिलीज हुई थी ।
निर्देशक बिमल रॉय की फिल्म ‘बिराज बहू’ शरतचंद्र के उपन्यास ‘बिराज बहू’ पर आधारित थी। यह फिल्म कामिनी कौशल के करियर की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से एक है। इस फिल्म में कामिनी कौशल ने बिराज चक्रवर्ती की भूमिका निभाई थी। बिराज की भूमिका में कामिनी कौशल ने अपने परफॉर्मेंस से दर्शकों को झकझोर कर रख दिया था। इस फिल्म के लिए कामिनी कौशल को पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था। यह फिल्म साल 1954 में रिलीज हुई थी।
साल 1946 से लेकर 1963 तक कई फिल्मों में नायिका की भूमिका निभाने के बाद कामिनी कौशल ने फिल्मों में मां के किरदार निभाने शुरू कर दिए। मनोज कुमार की फिल्म 'शहीद' में उन्होंने पहली बार भगत सिंह की मां विद्यावती कौर संधू की भूमिका निभाई। एस राम शर्मा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में मनोज कुमार ने भगत सिंह की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म के बाद कामिनी कौशल फिल्म 'उपकार', 'पूरब और पश्चिम', 'रोटी कपड़ा और मकान' जैसी फिल्मों में मनोज कुमार की मां की भूमिका में सर्वश्रेष्ठ किरदार निभाए। फिल्म 'शहीद' एक जनवरी 1965 को रिलीज हुई।
कामिनी कौशल-साधना कौर, कबीर सिंह
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
किरदार: साधना कौर
फिल्म: कबीर सिंह (2019)
निर्देशक संदीप रेड्डी वंगा की फिल्म 'कबीर सिंह' में कामिनी कौशल ने कबीर सिंह की भूमिका निभा रहे अभिनेता शाहिद कपूर की दादी साधना कौर की भूमिका निभाई थी। साधना कौर की भूमिका में ना सिर्फ कामिनी कौशल के किरदार को खूब पसंद किया गया, बल्कि इस फिल्म के लिए कामिनी कौशल को सर्वश्रेष्ठ सह नायिका का स्क्रीन अवार्ड मिला और फिल्म फेयर पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया। यह फिल्म 21 जून 2019 को रिलीज हुई।