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अंकल मेरे पापा कहां हैं, प्लीज बुला दो: डंपर के नीचे दबी कार की पिछली सीट पर सो रही थी मासूम, आंख खुली तो खुद को फंसा पाया

Fri, 10 Dec 2021 08:26 AM IST
शाहरुख खान शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली में सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला/एएनआई
अंकल मेरे पापा कहां हैं, मेरे पापा को बुला दो...। हादसे के बाद कार की पिछली सीट पर सो रही मिशिका की जैसे ही आंख खुली तो उसने खुद को कार में कैद पाया। मिशिका का एक पैर कार की पिचकी हुई छत में फंसा था। मासूम को शायद यह पता भी न था कि उसके माता-पिता कार की अगली सीट पर मृत हैं। मिशिका कार से निकलने के लिए छटपटा रही थी। उसी दौरान बचाव दल वहां पहुंच गया। हालात कुछ इस तरह थे कि बिना कार से डंपर हटाए और कार को काटे मिशिका को सुरक्षित नहीं निकाला जा सकता था। पुलिस की मदद से दूर रात को घटना स्थल पर तीन हाईड्रॉलिक क्रेन को मौके पर बुलाया गया। पहले डंपर को कार पर से हटाकर किसी तरह कार की बॉडी को काटा गया। इसके बाद करीब पौने दो घंटे बाद मिशिका को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। करीब आधे घंटे बाद इसके माता-पिता के शवों को भी बाहर निकाल लिया गया।
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दंपती का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बीकाजी कामा प्लेस दमकल केंद्र के अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि करीब 12.00 बजे अचानक उनको तेज धमाके की आवाज आई और लगा जैसे हल्का भूकंप आया हो। इस दौरान 12.12 बजे उनको हादसे की सूचना मिल गई। 

 
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क्षतिग्रस्त कार - फोटो : अमर उजाला
विनय कुमार ने बताया कि उनका दमकल केंद्र घटना स्थल से चंद कदमों की दूरी पर ही है। सूचना मिलते ही टीम वहां पहुंच गई। हालात की जांच करने पर अगली सीट पर सवार दंपती मृत थे। डंपर का पिछला हिस्सा कार के अगले हिस्से पर गिरा था। 
 

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हादसे में क्षतिग्रस्त कार - फोटो : एएनआई
वहीं कार की पिछली सीट पर सो रही बच्ची रो रही थी। वह बार-बार पापा को बुलाने की बात कर रही थी। पुलिस और दमकल विभाग के लिए मासूम को सुरक्षित निकालना एक बड़ी चुनौती थी।

 
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दिल्ली में सड़क हादसा - फोटो : एएनआई
इसलिए तय किया गया कि पहले बिना झटका दिए एक बार में ही डंपर को कार से हटाया जाएगा। यदि कोई गलती होगी तो बच्ची की जान जा सकती है। ऐसे में बड़ी सावधानी से तीन क्रेन की मदद से डंपर को कार से हटाया गया।

 
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मौके पर पहुंची एंबुलेंस - फोटो : एएनआई
डंपर हटते ही चंद मिनटों बाद कटर की मदद से कार की छत को काटा गया। मासूम का पैर कार की बॉडी में फंसा था। इस दौरान बच्ची से लगातार बातचीत करते रहे। बचाव कार्य के दौरान कुछ करीबी वहां पहुंच गए थे। करीब 2.00 बजे पहले बच्ची को बाहर निकालकर एम्स भेजा गया। इसके बाद 2.15 बजे दंपती को मृत हालत में कार से निकाला गया। विनय कुमार ने बताया कि करीब सवा दो घंटे तक बचाव कार्य चला।

 
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घटना की जानकारी देता जवान - फोटो : एएनआई
आपको बता दें कि दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के आरके पुरम इलाके में बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। गिट्टी (रोड़ी-बजरी) से भरा डंपर बराबर में चल रही आई-20 कार पर पलट गया। हादसे में कार सवार दंपती की दर्दनाक मौत हो गई जबकि उनकी छह साल की मासूम बच्ची जख्मी हो गई। मृतकों की शिनाख्त मनीष शर्मा (35) और इनकी पत्नी शिप्रा जोशी (32) के रूप में हुई है। हादसे के समय कार की पिछली सीट पर सो रही इनकी बेटी मिशिका (6) जख्मी हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार के परखच्चे उड़ गए। कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह दमकल विभाग की टीम और पुलिस ने कार काटकर शवों को बाहर निकाला।
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