दिल्ली व एनसीआर के टॉप-10 गैंगस्टर में शुमार जितेंद्र गोगी की हत्या बहुत ही सोची समझी साजिश के तहत की गई है। इसके लिए बाकायदा रोहिणी कोर्ट की रेकी की गई है और ट्रायल भी किया था। हमलावर राहुल उर्फ फफोदा व उसका साथी वकील की पूरी ड्रेस में आए थे। उन्होंने वकील के कोर्ट के अलावा टाई व बैंड लगा रखा था। देखने में कोई कह नहीं सकता था कि वह वकील नहीं है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया है कि ऐसे में दोनों हमलावरों की चैकिंग नहीं हुई थी और वह दोनों आसानी से कोर्ट के अंदर चले गए थे। दूसरी तरफ दोनों हमलावर टिल्लू ताजपुरिया गिरोह के गुर्गे थे। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शुरूआती जांच में ये बात सामने आ रही है कि दोनों ही बदमाशों ने वकील की ड्रेस में कोर्ट में पहले जाकर देखा कि है कि कहां और क्यों परेशानी आएगी।
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jitendra gogi murder
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को देखकर जो शुरूआती जांच की उससे पता लगा है कि दोनों ही हमलावर सुबह के समय ही कोर्ट में आकर बैठ गए थे। रोहिणी जिले के एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि कोर्ट रूम व उसके बाहर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हुए हैं। कोर्ट रूम ले जाने की गैलरी व इंट्री पाइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इन कैमरों की सीसीटीवी फुटेज को जब्त कर लिया गया है।
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जितेंद्र गोगी की फाइल फोटो और मृत पड़ा गोगी
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार जितेन्द्र गोगी को मारने की घटना दोपहर करीब 1.15 बजे की है। इस मामले में प्रशांत विहार थाने में हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जितेंद्र गोगी को हाईरिस्क वाली सिक्योरिटी मिली हुई थी। उसकी सिक्योरिटी में तीसरा बटालियन के अलावा तीसरी बटालियन के कमांडो तैनात थे।
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गोली चलनी शुरू हुई तो कोर्ट रूम के बाहर भागने दौड़ने लगे लोग
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि रोहिणी कोर्ट शुक्रवार दोपहर को गोलियां की आवाजों से थर्रा उठा। रोहिणी कोर्ट रूम में जज के सामने दो हमलावरों ने पेशी के लिए आए गैंगस्टर अलीपुर, दिल्ली निवासी जितेन्द्र उफरस्त्र गोगी(30) की गोलियां मारकर हत्या कर दी। इससे कोर्ट में भगदड़ मच गई।
गोगी को पेशी के लिए लाए स्पेशल सेल के कमांडो ने दोनों हमलावरों को कोर्ट रूम में ही मार गिराया। बताया जा रहा है कि कोर्ट रूप में दोनों तरफ से 30 से 35 गोलियां चलीं थीं। दोनों हमलावर वकील की पोशाक में आए थे और सुबह ही कोर्ट रूम में जाकर बैठ गए थे।