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Yasin Malik: कश्मीर के मैसूमा में जन्मा यासीन मकबूल भट्ट को मानता है आदर्श, पढ़ें- पाक'लव' से लेकर इसकी नापाक हरकत

Wed, 25 May 2022 06:55 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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यासीन मलिक और मुशाल हुसैन मलिक - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली की एक विशेष अदालत ने आतंकी फंडिंग के मामले में दोषी करार यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यासीन मलिक का जन्म 3 अप्रैल 1963 को श्रीनगर के मैसूमा इलाके में हुआ था। यासीन मलिक 1988 में जेकेएलएफ से जुड़ा था। मलिक ने 2009 में पाकिस्तान की मुशाल हुसैन के साथ शादी की। यासीन मलिक की एक बेटी है। यासीन मलिक मकबूल भट्ट को अपना आदर्श मानता है। बता दें कि मकबूल भट्ट जेकेएलएफ का फाउंडर था। जिसे 1984 में फांसी पर चढ़ा दिया गया था।

जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक के ऊपर रूबिया सईद के अपहरण का भी आरोप है। पूर्व गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद के अपहरण की घटना आज भी देश और घाटी के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेती है। आइए जानते हैं कि क्या थी यह घटना और इस अपहरण से यासीन मलिक का नाम कैसे जुड़ा।
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पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद और उनकी बेटी रूबिया सईद - फोटो : फाइल, अमर उजाला
1989 में मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी डॉ. रूबिया सईद का आतंकियों ने अपहरण कर लिया था। घटना कुछ इस प्रकार थी- रूबिया सईद ललद्यद हॉस्पिटल से ड्यूटी पूरी होने के बाद घर के लिए निकलती हैं। इस दौरान वह एक बस में सवार हो जाती हैं। आतंकी पहले से इस बस में सवार रहते हैं और मौके का फायदा उठाकर उनका अपहरण कर लेते हैं। रूबिया के बदले में अपने आतंकी साथियों की रिहाई की मांग रखते हैं।

 
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जम्मू कश्मीर के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद - फोटो : PTI
इस समय तक देश की सियासत में रूबिया के पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद का कद काफी ऊंचा हो चुका था। इसके साथ ही इस घटना ने देश ही नहीं बल्कि दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। सड़क से लेकर संसद तक चर्चा थी तो बस एक नाम की...रूबिया सईद। इस अपहरण को लेकर कई तरह की बातें भी हुई थीं, कई तरह के दावे भी हुए थे। आरोप प्रत्यारोप का दौर भी चरम पर था। 
 
 

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यासीन मलिक - फोटो : अमर उजाला
चर्चा शुरू हो जाती है कि मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी का अपहरण हो गया
चंद घंटों के भीतर ही जेकेएलएफ ने इस अपहरण की जिम्मेदारी ले ली थी। साथ ही शर्त रखी थी उसके साथियों को रिहा करने की। इसके बाद शुरू होता है बातचीत का दौर। वीपी सिंह सरकार आखिर मान जाती है और उनके पांच साथियों को रूबिया सईद के बदले रिहा कर दिया जाता है। अपहरण के पांच दिन बाद 13 दिसंबर को रूबिया को छोड़ दिया जाता है और स्पेशल फ्लाइट से उन्हें दिल्ली लाया जाता है। इन सबके बीच मुफ्ती सईद का बयान आता है जिसमें वह कहते हैं कि एक पिता के रूप में मैं बहुत खुश हूं लेकिन एक नेता के रूप में यहीं कहना चाहूंगा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था।

 
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यासीन मलिक - फोटो : अमर उजाला
चूंकि इस अपहरण की जिम्मेदारी जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट द्वारा ली गई थी। इसी कारण यासीन मलिक को इसमें आरोपी बनाया गया है। अपहरण कांड का यह मामला सदर पुलिस स्टेशन श्रीनगर में दर्ज हुआ था। राज्य सरकार की सिफारिश पर 22 फरवरी, 1990 को सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। 18 सितंबर, 1990 को सीबीआई ने चार्जशीट दायर की थी।
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