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Yasin Malik: बाहर से सफेदपोश और अंदर से आतंक परस्त यासीन मलिक, उस दिन जमकर पीटा गया था, पढ़ें- 2015 का ये किस्सा

Wed, 25 May 2022 06:34 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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यासीन मलिक - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली की एक विशेष अदालत ने आतंकी फंडिंग के मामले में दोषी करार यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दस लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यासीन मलिक घाटी के उन अलगाववादी में से एक है, जिसने यहां के युवाओं को बरगलाकर आतंकवाद में झोंकने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यासीन की फितरत सामने से सफेदपोश और अंदर से आतंक परस्त की रही थी। लेकिन उसका ये फरेब अदालत से छिप नहीं पाया।

बात साल 2015 की है। उधमपुर हमले में ट्रक क्लीनर जाहिद की मौत से घाटी में तनाव का माहौल था। अनंतनाग जिले में बंद के दौरान हिंसक प्रदर्शन हो रहे थे। इसी आग में घी डालकर अपना कद चमकाने के लिए जेकेएलएफ अध्यक्ष यासीन मलिक पहुंचा था। उसने समर्थकों के साथ अनंतनाग जिले के लाल चौक पर अनशन पर बैठने की कोशिश की।
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यासीन मलिक - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान धक्कामुक्की के बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर यासीन को हिरासत में ले लिया। इसके बाद श्रीनगर के मायसूमा सहित कई इलाकों में जमकर बवाल हुआ। यासीन मलिक ने दोपहर को जाहिद के परिवार वालों से मुलाकात कर उनके प्रति एकजुटता दिखाई। या।
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यासीन मलिक - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद वह कब्रिस्तान गया, जहां जाहिद को दफनाया गया था। यहां लोगों को संबोधित करते उसने उन्होंने तत्कालीन सरकार पर निशाना साधा। इसके बाद मलिक समर्थकों के साथ जुलूस में निकला। जुलूस में महिलाएं भी शामिल थीं।

 

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यासीन मलिक - फोटो : अमर उजाला
वह जाहिद की हत्या के विरोध में अनंतनाग के लाल चौक पर 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठने जा रहे थे। पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की।
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यासीन मलिक - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान दोनों ओर से धक्का-मुक्की हुई। सुरक्षाबलों ने यासीन समेत उनके समर्थकों की जमकर पिटाई की। इसके बाद यासीन को अनंतनाग के सदर थाने ले जाया गया।
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