जीत का जश्न बनाते आप के कार्यकर्ता
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उधर, कांग्रेस पार्टी की बात करें तो पार्टी ठीक से चुनाव नहीं लड़ पाई। कई मौके पर तो पार्टी प्रत्याशी ही अपने चुनावी मुहिम में जुटी रही। राष्ट्रीय नेता तो दूर पूर्व सांसद तक क्षेत्र में प्रचार करने में कोताही बरतते रहे। इतना ही नहीं आम आदमी पार्टी की बयार के आगे कोई कद्दावर नेता चुनाव में उतरने तक के लिए तैयार नहीं था। इस सीट पर जीत का सूखा अभी भी भाजपा व कांग्रेस के लिए खत्म नहीं हुआ है और आम आदमी पार्टी ने जीत का हैट्रिक लगाई है। राघव चड्ढा के राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद आप ने दुर्गेश पाठक पर दांव खेला था, जो बिल्कुल सही साबित हुआ।
चुनावी हार पर प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष राजन तिवारी ने कहा कि उम्मीद नहीं था कि कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी का इतना बुरा हाल होगा। पार्टी चुनावी हार पर चिंतन-मनन करेगी। पूरी मेहनत करेंगे, जो नाराज हैं, उन्हें मनाने की कोशिश हागी। अगामी विधानसभा व एमसीडी चुनाव में पार्टी शानदार जीत दर्ज कर दिल्ली में सरकार बनाएगी।