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गुरुग्रामः पुलिस ने तोड़ा दरवाजा तो थे 4 कुत्ते, कोई मालिक के शव पर, कोई उसके नीचे बैठा देखता रहा

Wed, 03 Jul 2019 09:39 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
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- फोटो : सुदर्शन झा
पत्नी व बच्चों की हत्या कर खुद आत्महत्या करने वाले वैज्ञानिक श्रीप्रकाश सिंह के सुसाइड नोट ने पुलिस को यह तो स्पष्ट कर दिया कि परिवार की हत्या के बाद उसने आत्महत्या की है। अंग्रेजी में लिखे दो लाइन के सुसाइड नोट ने पुलिस के समक्ष न केवल घर के हालात बयां कर दिए बल्कि जांच के लिए सवालिया निशान भी खड़े कर दिए हैं। इसके साथ ही घर में रहने वाले 4 छोटे-छोटे विदेशी नस्ल के कुत्तों के बारे में कुछ ऐसा पता चला है जिससे ये पता चलता है कि कुत्ते कितने संवेदनशील होते हैं और अपने मालिक को कभी छोड़ना नहीं चाहते...
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- फोटो : सुदर्शन झा
पुलिस सूत्रों की मानें तो करोड़ों रुपये की संपत्ति होने के बावजूद भी परिवार ने रिश्तेदारों से कर्ज लिया हुआ था जिसे वापस न करने के कारण रिश्तेदारों से बोलचाल बंद थी। हालांकि इस मामले में पुलिस कुछ भी बोलने से कतरा रही है। पुलिस के मुताबिक, मृतक ने घर पर तिबतन की, लासा एपसो व पग प्रजाति के 4 कुत्ते पाले हुए थे। चारों ही बहुत छोटे थे और सभी के चहेते थे।
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- फोटो : सुदर्शन झा
पुलिस ने सुबह जब दरवाजा तोड़कर घर पर प्रवेश किया तो पाया कि एक कुत्ता जो सोनू का चहेता था वह उसके शव पर चढ़कर बैठा हुआ है। दूसरा कुत्ता जो श्रीप्रकाश का चहेता था वह पंखे से लटके उसके शव के पास ही बैठा हुआ था जबकि अन्य दोनों कुत्ते बच्चों के पास बैठे थे।

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- फोटो : सुदर्शन झा
पुलिस ने पंखे से लटके श्रीप्रकाश के शव को जब नीचे उतारा तो उसकी जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ। नोट में अंग्रेजी में लिखा था कि वह अपने परिवार को संभाल पाने में असमर्थ है। इस पूरे घटनाक्रम के लिए वह स्वयं जिम्मेदार है। इस सुसाइड नोट से पुलिस को यह तो स्पष्ट हो गया कि पत्नी व बच्चो की श्रीप्रकाश ने हत्या कर खुद आत्महत्या कर ली। इसके साथ ही पुलिस के समक्ष यह भी सवाल खड़े हो गए कि आखिर परिवार को वह क्यों नहीं संभाल पा रहे थे।
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- फोटो : सुदर्शन झा
जब वह विदेशी प्रजाति के 4 बेजुबान जानवर पाल सकते हैं जिनका महीने का खर्च लाखों रुपये है तो परिवार को संभालने के लिए उन्हें किस प्रकार की दिक्कत थी। वहीं, पुलिस सूत्रों की मानें तो परिजनों को जब इस बारे में सूचना दी तो उन्होंने भी गुरुग्राम पहुंचने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई। काफी देर बाद श्रीप्रकाश व सोनू की बहनें यहां पहुंचे जिन्होंने भी पुलिस को अपनी कार्रवाई करने की बात कहकर मीडिया से बात करने से मना कर दिया। 
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