सीसीटीवी में कैद आरोपी
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आन के सम्मान को बचाने के लिए की थी बेटी की हत्या, पैरोल पर आया था बाहर
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बतया कि मार्च 2018 में सुदेश ने अपनी 13 वर्षीय बेटी वंशिका की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। दो बार घर से चले जाने के चलते उसने गुस्से में ऐसा किया। हत्या के बाद सुदेश ने दिल्ली में खुद ही बेटी की गुमशुदगी लिखाई, लेकिन बाद में उसका राज खुल गया। दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मंडोली जेल भेजा था। कोरोना काल में अन्य कैदियों की तरह सुदेश 21 मई को पैरोल पर जेल से छूटा था। इसी बीच उसे पता चला कि उसे बेटी की हत्या में सजा होने वाली है। इससे बचने के लिए सुदेश ने खुद को मरा दर्शाने की साजिश रची।