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Faridabad Fire: दस दिन की बच्ची को रोता छोड़ गया सतवीर, दो दिन पहले ही पत्नी के साथ मनाई थी शादी की पहली सालगिरह

Sun, 22 May 2022 10:39 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
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Fire in Faridabad - फोटो : अमर उजाला
फरीदाबाद में शनिवार सुबह 11 बजे गांव अनंगपुर डेयरी में एक वर्कशॉप (बैटरी रिपेयर) में आग लग गई। घटना के समय मौके पर चार कर्मचारी मौजूद थे। एक कर्मी समय रहते बाहर निकल आया। तीन की आग में दम घुटने से मौत हो गई। दमकल विभाग की पांच गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अधजली अवस्था में तीनों युवकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाए गए। सराय ख्वाजा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रामपाल सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह करीब ग्यारह बजे सेक्टर-37 अनंगपुर डेयरी के पास एक बैटरी की वर्कशॉप में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर काम कर रहे तीन लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। आसपास स्थित फैक्टरी में काम कर रहे कर्मचारी सड़क पर निकल आए। दमकल विभाग की पांच गाड़ियों ने कई घंटों में आग पर काबू पाया। जांच में सामने आया कि अजय गुप्ता नाम के व्यक्ति ने फ्यूजी सेल नाम से वर्कशॉप खोल रखी थी। घटना के बाद से मालिक फरार हो गया है। वर्कशॉप में चार लोग काम करते थे। घटना के समय अंकित, सुनील, सतवीर और पिंटू वर्कशॉप में बैटरी चार्जिंग पर लगा रहे थे।
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Fire in Faridabad - फोटो : अमर उजाला
शॉर्ट सर्किट के कारण एकदम से आग लग गई। आग लग गई और बैटरियों में धमाके होने लगे। पिंटू किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब रहा। वर्कशॉप में धुआं भर गया। अंकित, सतवीर और सुनील की दम घुटने से मौत हो गई। 
 
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Fire in Faridabad - फोटो : अमर उजाला
बिहार के रहने वाले थे तीनों मृतक
थाना प्रभारी रामपाल ने बताया कि तीनों मृतक मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे। तीनों दिल्ली लालकुआं इलाके में किराए के मकान में परिवार के साथ रह रहे थे। मृतकों के परिजनों ने शिकायत दी है कि वर्कशॉप मालिक ने कार्यस्थल पर बचाव उपकरण नहीं लगा रखे थे। साथ ही वर्कशॉप में आग बुझाने के लिए कोई मालक पूरे नहीं किए गए थे। पुलिस ने वर्कशॉप मालिक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है। 
 

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मृतक सतवीर का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
दस दिन की बच्ची को रोता छोड़ गया सतवीर 
बताया जा रहा है कि तीनों युवकों ने परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए मात्र दस हजार की नौकरी करते थे। तीनों ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की थी। उन्हें उम्मीद थी कि बेहतर नौकरी मिल जाएगी। लॉकडाउन के कारण काम धंधे ठप हो गए। ऐसे में उन्होंने मात्र दस हजार की मामूली और जोखिम भरी नौकरी करने के लिए भी हां कर दी। तीनों मृतक आसपास रहने के कारण एक दूसरे को जानते थे। तीनों साथ में ही नौकरी पर आते थे। 
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मृतक सुनील का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
थाना सराय प्रभारी प्रभारी रामपाल ने बताया कि परिजनों के लिए मृतक आजीविका का साधन थे। सतवीर की करीब एक साल पहले शादी हुई। 10 दिन पहले ही उसकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया है। दो दिन पहले उसने पत्नी दुर्गेश के साथ अपनी शादी की सालगिरह मनाई थी। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। बड़े भाई की बीमारी से मौत के बाद अब घर में वही सबसे बड़ा था। मृतक अंकित का एक छोटा भाई व एक बहन है। सुनील तीन भाइयों में सबसे छोटा था।
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मृतक अंकित का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
एक दिन पहले हुए हादसे से भी नहीं लिया सबक 
आग में मामूली झुलसे व एकमात्र जीवित बचे अमृत उर्फ पिंटू ने बताया कि शुक्रवार को भी फैक्टरी में धमाके के साथ बैटरी फटी थी। उन्हें लगा कि ये सामान्य बात है। तकनीकी रूप से ज्यादा जानकारी नहीं होने के कारण उन्होंने इसकी गंभीरता को नहीं समझा।
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Fire in Faridabad - फोटो : अमर उजाला
शनिवार को बैटरी फटने पर भी सामान्य घटना समझ कर वे भागे नहीं। आग लगने पर वह बाहर की तरफ भाग गया, जबकि बाकी तीनों अंदर ही छिप गए। उन्होंने साथियों को आवाज देकर बाहर आने को कहा, लेकिन तब तक आग भड़क चुकी थी।
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