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एलआईसी के नाम पर धोखा: एजेंट से जुटाते थे धारकों का डाटा, फिर यूं बिछाया जाता था टारगेट के लिए जाल

Tue, 15 Mar 2022 11:18 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
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एलआईसी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
फरीदाबाद साइबर थाना पुलिस ने एलआईसी पॉलिसी में अच्छे रिटर्न का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छह आरोपियों को दिल्ली व उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 242 लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। आरोपियों से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, वॉकी टॉकी, 1.81 लाख रुपये आदि बरामद किए गए हैं। पूछताछ के बाद सोमवार को सभी को जेल भेज दिया गया है। इस मामले में फरार अन्य दो की तलाश की जा रही है।
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fraud in name of lic - फोटो : अमर उजाला
आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी अशोक, अमित, प्रदीप, तरुण, रविंद्र व उत्तर प्रदेश के महोबा निवासी शान के रूप में हुई है। आरोपी दिल्ली के जनकपुरी में कॉल सेंटर खोलकर लोगों को एलआईसी पॉलिसी में अच्छे रिटर्न का झांसा देते थे। फिर किस्त के पैसों को अपने बैंक खाते में जमा करा लेते थे। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि  मनोज नामक व्यक्ति ने कुछ दिन पहले साइबर थाने में शिकायत दी थी। पीड़ित ने शिकायत में कहा था कि कुछ लोगों ने फोन पर अपने आप को एलआईसी का अधिकारी बताया था।
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एलआईसी आईपीओ - फोटो : अमर उजाला
फिर एलआईसी की कुछ पॉलिसी के बारे में जानकारी दी और उसमें अच्छे रिटर्न का झांसा दिया। इस तरह से आरोपियों ने 8.50 लाख रुपये ठग लिए। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इसमें पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा के आदेश पर एसीपी क्राइम सुरेंदर श्योराण की देखरेख में एक टीम गठित की गई। इसके बाद इन आरोपियों को दिल्ली व उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। आरोपी वर्ष 2016 से ठगी करने में लगे हुए थे।

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फरीदाबाद पुलिस (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
एजेंट से पॉलिसी धारकों का डाटा जुटाते थे
साइबर थाना प्रभारी बसंत ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपियों ने दिल्ली के जनकपुरी स्थित डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल एरिया में एक कॉल सेंटर खोल रखा था। एलआईसी एजेंट से एलआईसी पॉलिसी धारकों का डाटा इकट्ठा करते थे। फिर पॉलिसी धारकों को फोन किया जाता था। आरोपी अपने को एलआईसी का अधिकारी बताते थे। फोन पर धारकों को पहले पॉलिसी की जानकारी देकर विश्वास में लिया जाता था। इसके बाद उन्हें अन्य पॉलिसी के बारे में बताया जाता था, उसमें ज्यादा मुनाफे की गारंटी दी जाती थी। प्रभारी बसंत के अनुसार आरोपियों की बातों में आकर पॉलिसी धारक अपनी पुरानी पॉलिसी को बंद कर इनकी बताई पॉलिसी को खरीद लेते थे। ऐसे में ये धारकों से किस्त या एकमुस्त पैसे अपने बैंक खाते में ऑनलाइन जमा करा लेते थे। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
सभी की थी अलग-अलग भूमिका
साइबर थाना प्रभारी बसंत के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में अशोक, शान व अमित मुख्य आरोपी हैं। वह आरोपी रविंद्र के बैंक खाते में पॉलिसी धारकों से पैसे जमा करवाता था। इसके अलावा आरोपी प्रदीप व तरुण एलआईसी अधिकारी बनकर लोगों को विभिन्न तरह की नई पॉलिसी की जानकारी देकर, झांसे में लेता था। थाना प्रभारी बसंत के अनुसार इस तरह से इन आरोपियों ने देशभर में 242 लोगों को ठगा है। इनमें से आठ मामले हरियाणा के हैं। इनसे मोबाइल फोन, सिम कार्ड, वॉकी टॉकी, 1.81 लाख रुपये आदि बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दो दिन पहले आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 
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