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सनसनीखेज खुलासा: जिस आधार से बना लॉरेंस के भांजे का पासपोर्ट, उस पर राहुल के फिंगर प्रिंट, ये बात भी आई सामने

Fri, 15 Jul 2022 07:45 AM IST
प्रशांत कुमार पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
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लॉरेंस बिश्नोई - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-एनसीआर व पंजाब के गैंगस्टर के पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह के पर्दाफाश मामले में नया खुलासा सामने आया है। इसमें एक शख्स का दो आधार कार्ड बनाने और उसके फर्जी आधार कार्ड पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भांजे सचिन थापन उर्फ सचिन बिश्नोई का पासपोर्ट जारी हुआ है। दिल्ली पुलिस के शक के घेरे में अब भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआइई) और पासपोर्ट कार्यालय भी आ गया है। पुलिस इस गुत्थी को भी सुलझा रही है कि केंद्र सरकार के दोनों दफ्तरों से एक फिंगर प्रिंट पर आधार कार्ड और दूसरे के आधार पर सचिन का पासपोर्ट किस तरह बन गया। सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्रालय ने पूरे मामले में रिपोर्ट तलब की है। जांच में यह भी पता लगा है कि सचिन थापन के अलावा तीन अन्य पासपोर्ट लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य के बने थे।
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aadhar card - फोटो : facebook/All India Radio News
दक्षिण जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ प्रभारी अतुल त्यागी की टीम ने गैंगस्टर के पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर महिला समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों की पहचान मुख्य आरोपी राहुल सरकार, अर्जित कुमार उर्फ अजीत दिवान उर्फ अजीत कुमार उर्फ टॉनी उर्फ महेश उर्फ पाजी, नवनीत प्रजापति और सोमनाथ प्रजापति के रूप में हुई। दक्षिण जिला पुलिस की जांच में ये सामने आई है कि राहुल सरकार का उसके असली नाम से एक आधार कार्ड कई वर्ष पहले बना हुआ था। इस पर उसके फिंगर प्रिंट थे।
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बायोमैट्रिक डाटा
इसके बाद राहुल सरकार ने आरोपी नवनीत प्रजापति के तुगलकाबाद स्थित आधार केंद्र से तिलक राज टोटेजा के नाम से नवंबर-दिसंबर, 2021 में दूसरा आधार कार्ड बनवाया था। इस आधार कार्ड पर भी राहुल सरकार के फिंगर प्रिंट थे और पता भी उसने अपना संगम विहार का दिया हुआ था। राहुल सरकार ने अपने तिलक राज टोटेजा के नाम से बनवाए आधार कार्ड पर सचिन थापन का पासपोर्ट बनवाया। इन दोनों आधार कार्ड पर फोटो भी राहुल सरकार का लगा था। इसके बाद सचिन थापन आरके पुलिस स्थित पासपोर्ट कार्यालय में खुद गया था और उसने अपना बायोमेट्रिक दिया था। सवाल ये खड़ा होता है कि पासपोर्ट कार्यालय में फिंगर प्रिंट अलग-अलग होने के बावजूद पासपोर्ट कैसे बन गया। क्या कहीं फिंगर प्रिंट मैच करके नहीं देखा गया था। 

 

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सिद्धू मूसेवाला। - फोटो : फाइल
दक्षिण जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-दो पवन कुमार ने बताया कि जांच में आरोपियों द्वारा जांच में तीन और फर्जी पासपोर्ट बनाने के सबूत मिले हैं। इन्होंने सागर, राहुल और रोहित के नाम से पासपोर्ट बनवाया था। शुरुआती जांच में ये बात सामने आई है कि सभी आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के गैंगस्टर व बदमाश हैं। ये सभी इन फर्जी पासपोर्ट से विदेश भाग चुके हैं। पुलिस बात की जांच करने में लगी है कि तीनों गैंगस्टर कहां के हैं। बताया जा रहा है कि ये भी पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के षड़यंत्र में शामिल रहे हैं।

 
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Lawrence Bishnoi-Sidhu Moose Wala - फोटो : Social Media
आईबी समेत अन्य एजेंसियों ने जांच शुरू की
दिल्ली पुलिस के सुरक्षा अधिकारी मान रहे हैं कि ये देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। ऐसे में आईबी समेत अन्य एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है कि फिंगर प्रिंट अलग-अलग होने के बावजूद पासपोर्ट कैसे बन रहे हैं। कई एजेंसियों ने पुष्प विहार, साकेत जाकर स्पेशल स्टाफ में जाकर आरोपियों से पूछताछ की है।

 
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सिद्धू मूसेवाला। - फोटो : फाइल
पंजाबी गायक की हत्या के षडयंत्र का पता लग गया था
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राहुल सरकार को बाद में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के हत्या की साजिश का पता लग गया था। राहुल सरकार को सचिन थापन का पासपोर्ट बनाने के लिए महेश उर्फ अजीत कुमार ने बोला था। महेश को दीप सिद्धू ने बोला था। बताया जा रहा है कि दीप सिद्धू यूक्रेन में बैठा हुआ है। उसने इंटरनेट नंबर से कॉल कर महेश को पासपोर्ट बनाने के लिए चार फोटो भेजे थे। 
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