संचालक कंचन नेगी ने प्रधानमंत्री से संबोधन से पहले कुमाऊं और उत्तराखंड का परिचय देते हुए स्थानीय संस्कृति, सभ्यता और व्यंजनों की महत्ता का बखान किया। उन्होंने गंगा-जमुनी संस्कृति, बद्री-केदार धाम, कुमाऊंनी टोपी की विशेषता के साथ ही भट की चुड़कानी और अल्मोड़ा की बाल मिठाई तक का बखान कर समृद्ध परंपरा का प्रस्तुतीकरण किया।