विधि-विधान के साथ विघ्नहर्ता गणेश आज घर-घर और पंडालों में विराजमान हो गए। इसी के साथ 11 दिन तक गणेश उत्सव मनाया जाएगा। हालांकि, कोरोना के चलते इस बार भी आयोजन सूक्ष्म रूप से किए जाएंगे। घरों व मंदिरों में गणपति के आगमन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर अब राजधानी देहरादून और हरिद्वार में भी बड़ी संख्या में लोग गणपति की पूजा-अर्चना और विसर्जन करते हैं। इसके लिए लोग अलग-अलग तरह से गणपति को सजाते-संवारते हैं। प्रेम से उनका श्रृंगार करते हैं।
इसी क्रम में अमर उजाला ने मेरे गणपति सबसे मनमोहक प्रतियोगिता आयोजित की थी। इसके तहत घर में गणपति की स्थापना की है तो उनका एक फोटो खींचकर व्हाट्सएप करना था। फोटो गुरुवार को शाम पांच बजे से पहले भेजने थे। चुनिंदा फोटो को शुक्रवार के अंक में प्रकाशित किया गया।
हरिद्वार के महामाया गणपति संगठन हर साल अलग अंदाज से गणपति बनाते हैं। इस बार कोरोना वैक्सीनेशन की थीम देकर आयोजन को काफी सूक्ष्म रूप में आयोजित किया गया है। जिसमें उन्होंने गणपति महाराज की सवारी मूषक को कोरोना वैक्सीन लगवाते हुए दिखाया है।
विज्ञापन
2 of 6
- फोटो : अमर उजाला
वहीं पिछले 17 साल से शहर में गणेश चतुर्थी को लेकर भव्य पंडाल लगाने वाली गणपति युवा सेवा समिति डांडीपुर मनुगंज में भी इस बार गणपति महोत्सव को लेकर पंडाल सजाया है।
विज्ञापन
3 of 6
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि, बीते वर्षों की तुलना में इस बार आयोजन उतना भव्य नहीं होगा, लेकिन सभी कार्यक्रम किए जाएंगे।
4 of 6
- फोटो : अमर उजाला
आचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और इसके बाद पूजा के स्थान और मंदिर को साफ कर लें। भगवान गणेश जी को दूर्वा घास अर्पित कर उन्हें मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
विज्ञापन
5 of 6
- फोटो : अमर उजाला
पूजा के लिए विघ्नहर्ता की प्रतिमा, जल कलश, पंचामृत, रोली, अक्षत, कलावा जनेऊ, इलाइची, नारियल, चांदी का वर्क, सुपारी, लौंग पंचमेवा, घी, कपूर, पूजा के लिए चौकी, लाल कपड़ा, गंगाजल पहले से इकट्ठा कर लीजिए।