पुलिस सुरक्षा के बीच मृतक के परिजन।
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पहले भाई, बेटे और भतीजे की हुई थी हत्या
बुजुर्ग सूबे सिंह के बेटे बलजीत की आठ जुलाई 2017 में हत्या की गई थी। इसी दिन उसके भाई भल्लेराम की भी हत्या की गई थी। इसी जानलेवा हमले में घायल महेंद्र ने पांच-छह माह बाद दम तोड़ा था। सूबे सिंह के भतीजे और भल्लेराम के बेटे पूर्व सरपंच पवन की 14 अक्तूबर 2019 में करीब 11 गोलियां मारकर हत्या की गई थी।
आठ जुलाई 2017 को हुए हत्याकांड में बलजीत, भल्लेराम के अलावा 80 वर्षीय हुकम सिंह, 85 वर्षीय मल्हाराम, महेंद्र उस शाम खेत से घर लौट रहे थे और करीब 30-35 लोगों ने तेज धार हथियारों से हमला किया था। उसमें 55 वर्षीय बलजीत और 75 वर्षीय भल्लेराम की मौत हो गई थी। पांच-छह माह बाद घायल महेंद्र ने भी दम तोड़ दिया था। पुलिस ने 54 लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। जिनमें पुलिस जांच में 21 आरोपी मिले।