कैप्टन अभिलाषा बराक
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स्कूलिंग के दौरान भी घुड़सवारी करना, कैंप में जाना और स्पोर्ट्स में हिस्सा लेना शामिल रहा। कर्नल ओम सिंह ने बताया कि वह 2011 में सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद 2013 में आईएमए में भाई की पासिंग आउट परेड देखने के बाद उनकी बेटी काफी प्रभावित हुई। इसके बाद बेटी की इच्छा सेना या वायुसेना में जाने की और तीव्र हुई। उसने दो बार वायुसेना में कोशिश की परंतु कद कम होने की वजह से फाइटर पायलट बनने में कामयाब नहीं हो पाई। हालांकि उसने दो बार टेस्ट पास किया।