रिटायरमेंट के लिए आपके पास इतना धन होना चाहिए जो आपकी दैनिक घरेलू जरूरतों के साथ बुढ़ापे में होने वाली बीमारियों के इलाज का खर्च भी उठा सके। इसके लिए आपको पहले से ही निवेश शुरू करना होगा और रिटायरमेंट का इंतजार नहीं करना चाहिए। रिटायरमेंट के समय इतनी बड़ी राशि एकत्रित करना आसान नहीं है। वर्तमान में आप जो भी निर्णय लेंगे, उससे आपकी संपूर्ण जीवनशैली प्रभावित होगी। ऐसे में आपको नौकरी की शुरुआत में ही कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए क्योंकि उन्हें नजरअंदाज करने से आपकी पेंशन प्रभावित हो सकती है।
महंगाई को जोड़ना न भूलें
फाइनेंशियल प्लानिंग करते समय हमें कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। हम भविष्य में होने वाले खर्चों की गणना तो करते हैं लेकिन उसमें महंगाई को जोड़ना भूल जाते हैं। इसकी वजह से आपका बजट भी बिगड़ जाता है। जिन खर्चों का अनुमान हम वर्तमान में लगाते हैं, भविष्य में वही हमें महंगी मिलती है। इसलिए फाइनेंशियल प्लानिंग के समय महंगाई को जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उदाहरण के लिए अगर आपका मासिक खर्च 50,000 रुपये प्रति माह है और अगर वार्षिक दर से महंगाई लगातार छह फीसदी बढ़ रही है, तो इसका मतलब होगा कि आपको 20 साल बाद हर महीने 1.6 लाख रुपये खर्च करने होंगे। ऐसे में आपको ऐसी योजना तैयार करनी होगी जिससे आप मोटा पैसा जुटा सकें।