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Time Travelling Island: इस द्वीप पर संभव है टाइम ट्रैवेलिंग, दिखाई देता है भविष्य! जानिए इसके बारे में...

Mon, 14 Aug 2023 09:15 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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Time travel is real on ice bridge - फोटो : iStock
Time Travelling Island: दुनिया में अक्सर  टाइम ट्रैवेलिंग की कहानियां सुनने और पढ़ने को मिलती हैं। इसके साथ ही कई ऐसे लोग हैं टाइम ट्रैवेलर होने का दावा करते हैं। उनका दावा है कि वह सैकड़ों साल पहले की यात्रा करके आए हैं। वह भविष्य में घटने वाली कई घटनाओं के बारे में भी बताते हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भविष्य को देखा जा सकता है? इस पर कई सालों से शोध किया जा रहा है। विज्ञान भी इसको लेकर कुछ नहीं बता पाया है, लेकिन इसकी संभावना से इंकार भी नहीं किया जा सका है। 

इन दिनों  टाइम ट्रैवल यानी समय यात्रा दुनिया में चर्चा का विषय बन गई है। कई ऐसी हॉलीवुड फिल्में बनी हैं, जिनमें बेहद अनोखे अंदाज में समय यात्रा को दिखाया गया है। हालांकि सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सच में कोई समय यात्रा कर सकता है? क्या भविष्य में समय यात्रा के लिए कोई टाइम मशीन बनाई जा सकती है? वैज्ञानिकों को काफी लंबे से समय यात्रा की अवधारणा रोमांचित करती आ रही है। 
 
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Time travel is real on ice bridge - फोटो : iStock
मशहूर वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने सन 1905 में एक सिद्धांत दिया था, जिसका नाम सापेक्षतावाद है, जिसमें उन्होंने बताया था कि ब्रह्मांड में टाइम और स्पेस चादर के रूप में एक-दूसरे से जुड़े हैं। अल्बर्ट आइंस्टीन के सिद्धांत के मुताबिक, गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव की वजह से यह चादर नीचे की तरफ मुड़ती है जिससे रेखा में बदलाव नजर आता है। वर्तमान समय के वैज्ञानिकों ने इसी सिद्धांत के आधार पर समय यात्रा करने के कई तरीकों की खोज की है, जिनका इस्तेमाल करके समय यात्रा की जा सकती है। 

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Time travel is real on ice bridge - फोटो : iStock
धरती पर हजारों सालों से एक ऐसी जगह स्थित है, जहां पर टाइम ट्रैवेलिंग संभव है। इस पर लोगों को यकीन नहीं होगा, लेकिन यह सच है। इस जगह का नाम है डायोमीड द्वीप है, जिसको बिग डायोमीड और लिटिल डायोमीड में बांटा गया है। यह द्वीप दुनिया की दो महाशक्तियों अमेरिका और रूस को जोड़ता है। इसकी खास बात यह है कि इसके एक छोर से दूसरे छोर तक सफर टाइम ट्रैवेलिंग का होता है, क्योंकि आप भूतकाल से भविष्य में पहुंच जाते हैं। 

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Time travel is real on ice bridge - फोटो : iStock
भविष्य में पहुंच जाते हैं इंसान

बिग डायोमीड और लिटिल डायोमीड के बीच की दूरी सिर्फ 4.8 किलोमीटर है। इसके बावजूद लोग अतीत और भविष्य का सफर बताते हैं। प्रशांत महासागर से गुजरने वाली इंटरनेशनल डेट लाइन को इसकी वजह माना जाता है। इस लाइन से बिग डायोमीड और लिटिल डायोमीड के बीच एक दिन का अंतर हो जाता है। उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव से जाने वाली इंटरनेशनल डेट लाइन एक काल्पनिक रेखा है। यह कैलेंडर के एक दिन और दूसरे दिन के बीच की सीमा है। बिग डायोमीड को Tomorrow और लिटिल डायोमीड को Yesterday Island के नाम से भी लोग जानते हैं।
 
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Time travel is real on ice bridge - फोटो : iStock
जानिए कब हुई थी खोज 

इन द्वीपों पर ठंड के मौसम में जब बर्फ पड़ती है, तो एक पुल बन जाता है। इस पुल के जरिए दोनों पर लोग पैदल ही यात्रा कर सकते हैं। अगर आप एक छोर से सोमवार को चलेंगे तो दूसरे छोर तक मंगलवार को पहुंचेंगे। ऐसे ही वह भविष्य से अतीत में भी वापस आ सकते हैं, लेकिन काननून इसकी इजाजत नहीं है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक साल 1987 में अमेरिका ने रूस से अलास्का को खरीदा था। तब दोनों देशों की तरफ से बिग डायोमीड और लिटिल डायोमीड के माध्यम से सीमा को रेखांकित किया गया था।  इन दोनों द्वीपों का नाम डेनिश-रशियन नाविक विटस बेरिंग ने रखा गया था, जिन्हों ने 16 अगस्त, 1728 में इन दोनों द्वीपों को खोजा था। 
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