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Solar Eclipse: पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय कन्फ्यूज हो जाते हैं जानवर, जानिए आखिर क्या है वजह

Tue, 30 Jan 2024 04:07 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय क्यों कन्फ्यूज हो जाते हैं जानवर? - फोटो : iStock
Solar Eclipse 2024: साल का पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण अप्रैल महीने में आठ तारीख को लगेगा, लेकिन यह भारत में नजर नहीं आएगा। यह सूर्य ग्रहण उत्तरी अमेरिका के बड़े इलाके में नजर आएगा। इसके साथ ही पश्चिमी यूरोप पेसिफिक, अटलांटिक, आर्कटिक मेक्सिको, कनाडा, मध्य अमेरिका, दक्षिण अमेरिका के उत्तरी भाग, इंग्लैंड के उत्तर पश्चिम क्षेत्र और आयरलैंड में दिखाई देगा। सूर्य को जब पूरी तरह से ढक लेगा, तो पूर्ण ग्रहण दिखाई देगा। दिन में रात जैसा नजारा दिखेगा। 

पूर्ण सूर्य ग्रहण का जानवरों पर सबसे हैरान करने वाला असर नजर आएगा, क्योंकि वह कन्फ्यूज हो जाएंगे। पक्षियों पर सबसे अधिक असर होगा। जानवरों और पक्षियों के पास कोई घड़ी नहीं होती है। अधिकतर जानवर दिन के उजाले और रात के अंधेरे के हिसाब से अपना काम करते हैं। वह सूरज की रोशनी देखकर उठते हैं, अंधेरा होने पर शिकार के लिए निकलते हैं या सोते हैं। हालांकि 8 अप्रैल को पूर्ण सूर्य ग्रहण की वजह से दिन में अंधेरा छाने से जानवर परेशान हो जाएंगे। जानवर की प्रजाति पर यह निर्भर करता है। 

 
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पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय क्यों कन्फ्यूज हो जाते हैं जानवर? - फोटो : iStock
साल 2017 में हुए ग्रेट अमेरिकन एक्लिप्स के दौरान एक अध्ययन किया गया था। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया था। उन्हें पता चला कि पूर्ण सूर्यग्रहण के दौरान पक्षी सबसे अधिक कन्फ्यूज होते हैं। दिन की रोशनी बदलने से उन्हें लगता है कि शाम हो गई है। वह बीच में ही अपना काम छोड़ देते हैं और आराम करने चले जाते हैं। लेकिन अंधेरा छंटने पर वह नहीं समझ पाते कि आखिर क्या हो रहा है?
 
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पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय क्यों कन्फ्यूज हो जाते हैं जानवर? - फोटो : iStock
इन जानवरों को अधिक बदलता है व्यवहार

मुर्गों पर ग्रहण का असर अधिक दिखाई गया है। अचानक से अंधेरा होने और फिर उजाला होते ही वे बांग देने लगते हैं और खाने की तलाश करने लगते हैं। क्योंकि अधिकतर मुर्गे सुबह ही खाते हैं। थोड़ी देर के प्राकृतिक अंधेरे से उन्हें आभास होता है कि रात हो चुकी है और फिर रोशनी आती है, तो सुबह मानकर फिर खाने चले जाते हैं। रात में आवाज करने वाले टिड्डे अचानक से बोलने लगते हैं और फिर उजाला होते ही चुप हो जाते हैं। 

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पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय क्यों कन्फ्यूज हो जाते हैं जानवर? - फोटो : iStock
तेजी से गिरता और चढ़ता है तापमान

अमेरिका अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक ग्रहण के दौरान अध्ययन किया था कि सूरज की रोशनी ढकते ही तापमान में तेजी से गिरावट होती है, जैसे रोशनी वापस आती है, तो तापमान फिर से तेजी ऊपर आता है। कई बार तापमान में माइनस छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ जाती है।

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पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय क्यों कन्फ्यूज हो जाते हैं जानवर? - फोटो : istock
सामान्य तौर पर 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आती है या तेजी दिखाई देती है। साल 1834 में ग्रहण के समय पेंसिलवेनिया के गेटिसबर्ग में तापमान माइनस 2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। 2017 में पूर्ण सूर्य ग्रहण गर्मी के मौसम के दौरान लगा था। उस दौरान भी तापमान में गिरावट महसूस की गई थी। 
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