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Ajab-Gajab: साइबेरिया के रहस्यमयी गड्ढों को लेकर बड़ा खुलासा, पाताल के अंदर से आती थी भयानक आवाज

Tue, 30 Jan 2024 12:32 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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साइबेरिया के रहस्यमयी गड्ढों को लेकर बड़ा खुलासा - फोटो : Twitter/@marcusbwebster
Ajab-Gajab: दुनिया में समय-समय पर नई-नई खोजें होती रहती हैं। करीब एक दशक पहले साइबेरिया में आठ गहरे विशालकाय गड्ढों की खोज की गई थी। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि इस तरह के पूरे आर्कटिक क्षेत्र में और कहीं पर नहीं थे। इन गड्ढों की गरहाई 160 फीट है, जिनमें से विस्फोट की भयानक आवाज आती थी। गड्ढों से आने वाली आवाजों को लेकर वैज्ञानिक सालों से परेशान थे। अब इस रहस्य का खुलासा हुआ है कि इन गड्ढों का निर्माण कैसे हुआ और इनसे आवाज क्यों आती थी?  

रूस के उत्तरी यमाल और जिडान प्रायद्वीप में इन गड्ढों की खोज की गई थी। साइबेरियन पर्माफ्रॉस्ट का यह पूरा क्षेत्र है। वैज्ञानिकों ने हाल ही में EarthArXiv में प्रीप्रिंट पेपर प्रकाशित किया है। इसमें इन गड्ढों को लेकर खुलासे के बारे में बताया गया है। बीते कई सालों से इन गड्ढों को लेकर अलग-अलग वजहें गिनाए जाते रहे हैं। 
 
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साइबेरिया के रहस्यमयी गड्ढों को लेकर बड़ा खुलासा - फोटो : iStock
एक वजह बताई गई कि गड्ढे यानी क्रेटर ऐतिहासिक झील का हिस्सा हैं। यह झील ज्यादा सर्दी के कारण पहले जम गई और फिर सूख गई। इसके बाद जमीन के भीतर से प्राकृतिक गैस के बाहर निकलने का दबाव बढ़ने से भयानक विस्फोट के साथ बड़े-बड़े गड्ढों को निर्माण होता गया। 
 
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साइबेरिया के रहस्यमयी गड्ढों को लेकर बड़ा खुलासा - फोटो : iStock
हर की जगह झील नहीं, यह थ्योरी गलत साबित हुई

हालांकि ऐतिहासिक झील वाली थ्योरी गलत साबित हुई, क्योंकि जायंट एस्केप क्रेटर्स पर यह फिट नहीं होती, क्योंकि प्रायद्वीप पर भौगोलिक स्थितियां इस तरह की नहीं हैं। हर गड्ढे के ऊपर कोई ऐतिहासिक झील नहीं थी। पहले भी  पर्माफ्रॉस्ट में गड्ढों के निर्माण की एक वजह प्राकृतिक गैस का निकलना बताया गया। इससे यह खुलासा नहीं होता है कि आखिर यह गड्ढे सिर्फ उत्तरी रूस में ही क्यों बने? 
 

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साइबेरिया के रहस्यमयी गड्ढों को लेकर बड़ा खुलासा - फोटो : iStock
भारी मात्रा में गैस 

जमने के कारण इस जमीन में भारी मात्रा में मीथेन गैस जमा हो गई। यहां पर भारी मात्रा में प्राकृतिक गैस का भंडार बन गया है, जिसकी वजह से गर्मी पैदा हो रही थी। भीतर से पर्माफ्रॉस्ट पिघल रहा था। इसके कारण जमीन के अंदर हवा के पॉकेट (खोखले हिस्से ) बन रहे थे। फिर धीरे-धीरे तापमान बढ़ने लगा, तब रूस के रूस के पर्माफ्रॉस्ट के पिघलने का खतरा भी बढ़ने लगा। 

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साइबेरिया के रहस्यमयी गड्ढों को लेकर बड़ा खुलासा - फोटो : iStock
...इसलिए पिघल रहा पर्माफ्रॉस्ट 

जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण यमाल और जीडान में पर्माफ्रॉस्ट लगातार ऊपर और नीचे दोनों तरफ से पिघलता जा रहा था। इसक वजह से परत पतली हो रही थी। कमजोर पर्माफ्रॉस्ट पर जब नीचे की तरफ से गैस निकलने का दबाव बना तो जो एयर पॉकेट बने थे, वो तेजी से धंस गए। ऊपर की मिट्टी जमीन में धंस गई और बड़े गड्ढे बन गए। 

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साइबेरिया के रहस्यमयी गड्ढों को लेकर बड़ा खुलासा - फोटो : iStock
छोटे गड्ढों से हुई शुरुआत

इनकी छोटे गड्ढों से शुरुआत हुई, जो बाद में विस्फोट की वजह से बड़े होते चले गए। इस इलाके में ऐसे आठ गड्ढे बने हैं। विस्फोट के कारण भारी मात्रा में बर्फ बाहर निकली, जिसकी वजह से जमीन पर आसपास दरारें भी पड़ीं। वैज्ञानिक मानते हैं कि अभी और गड्ढे रहे होंगे, जो समय के साथ पानी और मिट्टी के बहाव से भर गए होंगे। 
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