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अजब-गजब: कहानी एक ऐसे रहस्यमय गांव की, जिसे कहते हैं 'मुर्दों का शहर'

Wed, 30 Jun 2021 06:06 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रहस्यमय गांव - फोटो : सोशल मीडिया
धरती पर ऐसे कई रहस्यमय जगह हैं, जिसके बारे में बहुत कम ही लोगों को पता है। आज हम आपको एक ऐसे ही अनोखे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में कहा जाता है कि वहां जो भी गया, कभी वापस लौटकर नहीं आया। आपको बता दें कि इस गांव तक पहुंचने का रास्ता भी मुश्किलों से भरा हुआ है। इस रहस्यमय गांव को 'मुर्दों का शहर' भी कहते हैं।


 
दरअसल, यह गांव रूस के उत्तरी ओसेटिया के दर्गाव्स में है। यह इलाका बेहद ही सुनसान है। डर की वजह से इस जगह पर कोई भी आता-जाता नहीं है। ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों के बीच छिपे इस गांव में सफेद पत्थरों से बने करीब 99 तहखाना नुमा मकान हैं, जिसमें स्थानीय लोगों ने अपने परिजनों के शव दफनाए थे। इनमें से कुछ मकान तो चार मंजिला भी हैं। इस गांव को लेकर लोगों के बीच कई तरह की मान्यताएं भी प्रचलित हैं।
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रहस्यमय गांव - फोटो : सोशल मीडिया
बताया जाता है कि इन कब्रों को 16वीं शताब्दी में बनवाया गया था। यह एक विशाल कब्रिस्तान है। कहते हैं कि हर इमारत एक परिवार से संबंधित है, जिसमें सिर्फ उसी परिवार के सदस्यों को दफनाया गया है।
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रहस्यमय गांव - फोटो : सोशल मीडिया
इतना ही नहीं इस जगह को लेकर स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की मान्यताएं हैं। उनका मानना है कि इन झोपड़ीनुमा इमारतों में जाने वाला कभी लौटकर नहीं आता। हालांकि, कभी-कभार पर्यटक इस जगह के रहस्य को जानने के लिए आते रहते हैं।

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रहस्यमय गांव - फोटो : सोशल मीडिया
इस जगह तक पहुंचने का रास्ता भी बेहद ही मुश्किल है। पहाड़ियों के बीच तंग रास्तों से होकर यहां पहुंचने में करीब तीन घंटे का समय लगता है। यहां का मौसम भी हमेशा खराब रहता है, जो सफर के लिए एक बहुत बड़ी रुकावट है। पुरातत्वविदों के मुताबिक, यहां कब्रों के पास नावें मिली हैं। स्थानीय लोगों के बीच नाव को लेकर मान्यता है कि आत्मा को स्वर्ग तक पहुंचने के लिए नदी पार करनी होती है, इसलिए शवों को नाव पर रखकर दफनाया जाता था।
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रहस्यमय गांव - फोटो : सोशल मीडिया
पुरातत्वविदों को यहां हर तहखाने के सामने एक कुआं भी मिला है, जिसके बारे में कहा जाता है कि लोग अपने परिजनों को यहां दफनाने के बाद कुएं में सिक्का फेंकते थे। अगर सिक्का तल में मौजूद पत्थरों से टकराता, तो इसका मतलब होता था कि आत्मा स्वर्ग तक पहुंच गई।
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