प्रतीकात्मक तस्वीर
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मंगायम्मा ने कहा कि मुझे लगता था कि मैं बिना अपने बच्चों को देखे हुए अंतिम सांस लूंगी, लेकिन पड़ोस में 55 साल की एक औरत ने बेटे को जन्म दिया था। इसके बाद मेरी सोच बदली। महिला ने मुझे आईवीएफ तकनीक से मां बनने की सलाह दी। मैंने पति को इसके लिए मनाया और आज मैं बेहद खुश हूं। महिला के पति राजा राव का कहना था कि अस्पताल में नौ महीने बीत गए, आज बच्चों का चेहरा देखने के बाद सारे संघर्षों को भूल गया हूं।