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Organic Farming: मुजफ्फरपुर की पिंकी देवी जैविक खेती कर महिलाओं के लिए बनीं मिसाल, किसानों को मिल रही प्रेरणा

Sat, 06 Apr 2024 07:53 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Organic Farming: मुजफ्फरपुर की पिंकी देवी जैविक खेती कर महिलाओं के लिए बनीं मिसाल, किसानों को मिल रही प्रेरणा
Bihar News: Pinky Devi of Muzaffarpur became an example for women by doing organic farming
 
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शिमला मिर्च की जैविक खेती - फोटो : अमर उजाला
पुरुषों के एकाधिकार माने जाने वाले कृषि क्षेत्र में अब महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ रही है। वैसे तो मुजफ्फरपुर जिला लीची के लिए तो आम तौर पर प्रसिद्ध है ही, लेकिन अब जिले के अंदर नए-नए प्रयोग कर अलग-अलग पौधों को लगाकर आमदनी के नए तरीके अपनाए जा रहे हैं।
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शिमला मिर्च की जैविक खेती - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, जिले की किसान पिंकी देवी लीची के गढ़ में जैविक (ऑर्गेनिक) खेती कर अलग प्रकार की फसलों को उगा रही हैं। वह लाखों रुपये की आमदनी कर अन्य किसानों के लिए मिसाल बन गई हैं। पिंकी देवी बेहद ही कम लागत से अब लाखों रुपये की आमदनी कर रही हैं। दरअसल, वह अपने दो एकड़ खेत में जैविक खेती के तहत शिमला मिर्च की खेती कर अब सफलता की नई कहानी लिख रही हैं।
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शिमला मिर्च की जैविक खेती - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरपुर जिले के बोचहा प्रखंड की किसान पिंकी देवी ने बताया कि मैं दो एकड़ खेत में शिमला मिर्च की ऑर्गेनिक और रासायनिक फसल की खेती कर रही हूं। इस पौधे के बीज को जनवरी के महीने में बोया जाता है। अप्रैल महीने में शिमला मिर्च के फल आने शुरू हो जाते हैं जो कि अब करीब-करीब तैयार हो गए हैं।
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शिमला मिर्च की जैविक खेती - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने दावा किया कि यह बाजार के शिमला मिर्च से 10 गुना का फायदेमंद होता है। वहीं, इस शिमला मिर्च में किसी भी प्रकार की बीमारियां या फिर होने वाली कैंसर बीमारियां दूर होती हैं। दो एकड़ में एक टन यानी कि 10 कुंतल शिमला मिर्च की उपज होती है। यह शिमला मिर्च बाजारों में 60 से 80 रुपये प्रति किलो बिकती है। वहीं, उन्होंने बताया कि जैविक खेती के जरिए दर्जनों महिलाओं को रोजगार को भी मिल जाता है और उनके परिवार भी चल जाते हैं। आगे भी इसी तरह की खेती करती रहूंगी।
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