कुंडली में मंगल दोष के प्रभाव
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मंगल दोष या कुज दोष (Mangal dosh)
ज्योतिष के अनुसार, जब किसी की कुंडली के लग्न भाव, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में कुज अर्थात् मंगल स्थित हो तो कुंडली में मंगल दोष लगता है। यह दोष विवाह के लिए बहुत अशुभ माना जाता है। विवाह में बाधा और वैवाहिक जीवन में कलह आदि मंगल दोष के सामान्य अशुभ प्रभाव हैं, लेकिन जब इस दोष में प्रबलता हो तब विवाह विच्छेदन की स्थिति बन सकती है। कुछ उपाय करके इस दोष के अशुभ प्रभावों को कम किया जा सकता है।
मंगल दोष के प्रभाव से बचने के उपाय-
यदि किसी की कुंडली में मंगल दोष तो उन्हें हनुमान जी और मंगल देव का पूजन करना चाहिए, साथ ही मंगल के मंत्र ''ऊं भोमाय नमः'' का जाप करना चाहिए। मंगल दोष के कारण वैवाहिक जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए शिव-पार्वती का संयुक्त रूप से पूजन करना चाहिए।