सहारनपुर में परंपरागत खेती में बढ़ती लागत और कम होते मुनाफे के चलते युवा किसान खेती में नए प्रयोग कर रहे हैं। गांव बढेडी कोली के एक युवा किसान ने 130 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में वातानुकूलित पॉलीहाउस बनाकर उसमें हाइड्रोफोनिक तकनीक से सब्जियों की खेती करना शुरू किया है। इससे वह औसतन 50 हजार रुपये मासिक की कमाई कर रहे हैं। उनके उत्पादों की बढ़िया गुणवत्ता होने के चलते स्थानीय से लेकर महानगर के होटलों और रेस्टोरेंट में खासी मांग है।
युवा किसान अनमोल चौधरी ने बताया कि उन्होंने मात्र 130 वर्ग मीटर में एक वातानुकूलित पॉलीहाउस बनाया है। इसमें हाइड्रोफोनिक तकनीक से सब्जियों की खेती शुरू की। वर्ष 2021 में शुरू की गई यह खेती उनके लिए वरदान साबित हो रही है। इससे उन्हें औसतन 50 हजार रुपये मासिक की आय प्राप्त हो रही है।
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हाईड्रोफोनिक तकनीक से खेती
- फोटो : अमर उजाला
फिलहाल वह सलाद, बर्गर और सैंडविच में काम आने वाले सलाद पत्ता की खेती कर रहे हैं। जिसकी सप्लाई स्थानीय बाजार से लेकर देहरादून तक के होटलों में कर रहे हैं।
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हाईड्रोफोनिक तकनीक से खेती
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ऑफ सीजन में उनका सलाद पत्ता 400 रुपये प्रति किलो तक बिक जाता है। इसके अलावा वे रंगीन शिमला मिर्च, चायनीज खीरा, चेरी टमाटर सहित अन्य सब्जियों की बेमौसमी खेती भी करते हैं।
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ऐसे होती है हाइड्रोफोनिक तकनीक से खेती
इस तकनीक में बिना मिट्टी के फसल पैदा की जाती है। इसमें पौध को एक विशेष प्रकार के जालीदार कप में कोकोपिट (नारियल का बुरादा) भरकर पाइप में लगाया जाता है। पौधे पाइप में पानी से पोषक तत्व ग्रहण करते हैं।
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हाईड्रोफोनिक तकनीक से खेती
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पाइप के पानी को हर घंटे में 10 से 15 मिनट तक रोटेट किया जाता है। इसमें उन्होंने सात पाइप वर्टिकल विधि से लगा रखे हैं। इन सभी पाइपों में सब्जियां उगाई जा रही हैं।
नई तकनीक अपनाकर आय बढ़ा सकते हैं किसान
कम जमीन वाले किसानों के लिए यह मॉडल बेहद लाभकारी है। गांव बढेडी कोली का यह युवा किसान अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हो सकता है। किसान नई तकनीक को अपनाकर खेती में आय को दुगना कर सकते हैं। -डॉ. राकेश कुमार उप निदेशक कृषि