उत्तर प्रदेश सरकार ने आम जनता से किया एक और वादा शुक्रवार को पूरा किया। गौतमबुद्धनगर के थाना दनकौर में ग्राम भट्टा और पारसौल के किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को शासन ने वापस ले लिया है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि जनहित व न्यायहित में मुकदमों को वापस लिया गया है। इससे बड़ी संख्या में निर्दोष किसानों को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने बसपा शासनकाल में किसानों पर दर्ज मुकदमों को उत्पीड़न की नीयत से की गई कार्रवाई बताते हुए संबंधित मुकदमों को वापस लेने की घोषणा की थी।
मई 2011 में संघर्ष समिति केनेतृत्व में भट्टा व पारसौल के किसान मई 2011 में अपनी जमीनों का मुआवजा बढ़ाए जाने के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। आंदोलन के दौरान किसानों के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए थे। जिन आंदोलनकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे उनमें मनवीर सिंह तेवतिया, प्रेमवीर, काले सिंह, गजे सिंह, किरणपाल व धन सिंह आदि शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पूर्व साइकिल यात्रा के दौरान उन्होंने इन मुकदमों को वापस लेने का वादा किया था। चुनाव कै दौरान किए गए वादों में से एक और वादा राज्य सरकार ने पूरा कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मुकदमों को विभिन्न स्तर पर परीक्षण के बाद वापस लिया गया है।