सीबीएसई के पास यूजीसी का पुराना डाटा बेस न होने से इस बार नेट का फॉर्म भरते वक्त अभ्यर्थियों को नए सिरे से सारी जानकारियों फॉर्म पर भरनी होंगी।
इसलिए अगर आप भी साइबर कैफे जाकर फॉर्म भर रहे हैं तो अपने सभी डॉक्युमेंट्स या उनकी पूरी डिटेल साथ लेकर जाएं।
मालूम हो कि अगर किसी अभ्यर्थी ने पहले भी नेट का फॉर्म भरा है तो उसके लॉगइन में सभी जानकरियां फीड होती थीं, जिससे अगली बार फॉर्म भरने पर बार-बार डिटेल नहीं भरनी होतीं थीं।
इस बार यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन ने नेशनल एलिजबिलिटी टेस्ट की जिम्मेदारी सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजूकेशन को सौंपी है लेकिन पहले से मौजूद अपना डाटा बेस साझा नहीं किया।
जब तक नेट की जिम्मेदारी यूजीसी के पास थी, तब तक जो भी अभ्यर्थी एक बार भी परीक्षा में शामिल होता था उसकी जानकारी हमेशा के लिए वेबसाइट पर दर्ज हो जाती थी।
यहां अभ्यर्थी को एक पासवर्ड मिलता था, जिसकी सहायता से वे भविष्य में कभी भी परीक्षा में आवेदन करने के लिए अपने पुराने फॉर्म को खोलकर केवल परीक्षा से संबंधित जानकारी भर देता था। बाकी डीटेल पहले से ही मौजूद होती थीं।
नेट में आवेदन करने वाले केशव ने बताया कि जब वे फॉर्म भरने साइबर कैफे पहुंचे तो फोटो की सॉफ्ट कॉपी लेकर नहीं गए। जब फॉर्म भरने के लिए वेबसाइट खोली तो पहले से भरी कोई जानकारी नहीं आई।