कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत से कुछ ज्वलंत मुद्दों पर बातचीत की। इस बातचीत के दौरान उन्होंने अमर उजाला के पाठकों द्वारा पूछे गए सवालों के भी जवाब दिए और अपनी पार्टी और देश के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि आपके यहां और आपकी पार्टी में सब ठीक चल रहा है तो आप कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव क्यों नहीं करा पा रहे हैं, इतना लंबा समय हो गया राहुल गांधी को अध्यक्ष पद से हटे हुए। आप अभी तक अपने लिए अध्यक्ष ही नहीं चुन पा रहे हैं, तो इसके उत्तर में हरीश रावत बोले- कांग्रेस अध्यक्ष के बारे में बात करके आप हमारी कमजोर नब्ज को दबाते हैं।
सवाल : इस बार चुनाव में विशेष क्या है?
जवाब : हरीश रावत ने कहा कि हर चुनाव में विपक्ष अपना प्रचार करता है, लेकिन यह पहला ऐसा चुनाव देखने को मिल रहा है कि जब जनता ही कह रही है कि उसे बदलाव चाहिए। इसमें भाजपा का सबसे बड़ा हाथ है। चार महीने के अंदर तीन-तीन मुख्यमंत्री देकर उसने यह साबित कर दिया है कि उसके पास कोई प्लान नहीं है। एक बार वह जिसे सही कहती है, चंद दिनों के बाद मुख्यमंत्री बदलकर वह उसे ही गलत साबित कर देती है। इस प्रकार जनता की नाराजगी के पीछे भाजपा की ही सबसे बड़ी भूमिका है। बार-बार मुख्यमंत्रियों में बदलाव यह साबित करता है कि उसके पास सही सोच का अभाव है।
सवाल: इस बार मुख्य मुद्दे क्या होंगे?
जवाब: दरअसल, इस चुनाव में मुद्दों का घालमेल हो गया है। केंद्र से लेकर राज्य तक हर जगह अनेक मुद्दे हैं जो जनता को परेशान कर रहे हैं। केंद्र सरकार हर आर्थिक मुद्दे पर असफल साबित हुई है। हर गृहणी किचन की हर चीज की बढ़ती महंगाई से परेशान है। वहीं, पेगासस जैसे मुद्दे ने देश के हर नागरिक के मन में असुरक्षा की भावना पैदा की है। इससे लोग चिंतित हो गए हैं। कोरोना काल में राज्य सरकार बुरी तरह असफल साबित हुई है। बेरोजगारी के कारण राज्य का हर युवा परेशान है। लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि किस मुद्दे पर भाजपा के खिलाफ मतदान करें क्योंकि ये हर मुद्दे पर असफल साबित हुए हैं।
सवाल- उत्तराखंड में आपने काफी अच्छी तरह सरकार चलाई थी, लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस चुनाव में बुरी तरह हारी। इसका कारण क्या था?
जवाब- दरअसल, नरेंद्र मोदी ने पिछले चुनाव में उत्तर प्रदेश में जिस तरह आक्रामक प्रचार किया था, उसने उत्तराखंड में भी भारी असर डाला था जिसमें कांग्रेस को काफी नुकसान हुआ था। लेकिन इसके बाद भी आपको कहना चाहता हूं कि कांग्रेस ने भाजपा की तुलना में बेहद कम, केवल 0.1 प्रतिशत कम वोट प्राप्त किए थे। यह बात और रही कि इससे सीटों की संख्या काफी कम हो गई। आप ध्यान रखें कि यह चुनाव परिणाम हमारे कई नेताओं के पाला बदलने के बाद भी हासिल किया था। यह साबित करता है कि हमारा मतदाता हमारे साथ बना रहा है। यह हमारी बड़ी जीत है। हमारी यही ताकत इस चुनाव में कांग्रेस की जीत के लिए बड़ी भूमिका निभाएगी।
सवाल: उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी के रूप में तीसरा मोर्चा आ गया है। क्या इससे कांग्रेस को मुश्किल होगी?
जवाब: आप उत्तराखंड के इतिहास को देखिए। यूकेडी ने राज्य के लिए नारा दिया, लेकिन चुनाव में जनता ने राष्ट्रीय दलों को चुना। चीन की सीमा पर बैठा आदमी भी राष्ट्रीय सोच से प्रभावित होता है। बसपा हरिद्वार में बहुत जोरशोर से आई और आठ सीटें जीत ले गई। अब हरिद्वार में भी हमारी और भाजपा की टक्कर है। चुनाव दो राष्ट्रीय दलों के बीच ही होगा, चाहे कोई क्षेत्रीय पार्टी आ जाए। हम दिल्ली नहीं हैं, हम विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र में फैले हुए राज्य में हैं। आप जिस तरह कनॉट प्लेस घूम सकते हैं, उस तरह देहरादून घूमने नहीं जा सकते। नुकसान भाजपा के वोट को होना है। वो बिजली का खिलौना लेकर जाते हैं, लेकिन पहले ही वह सब कर चुके हैं। हमने सस्ती बिजली दी थी, जीते तो कल भी सबसे सस्ती बिजली देंगे। भाजपा में असंतोष है। अब वहां के नेताओं को लग रहा है कि अंगूर खट्टे हैं। हम भी दरवाजे बंद कर नहीं रखेंगे। हम आकलन करेंगे। कई लोग बहुत कलाकार है, उनकी पाचन शक्ति बहुत भारी है। वे भाजपा को ही मुबारक हों। जो लोग सीधे-सादे हैं, वे जीतने लायक होंगे तो विचार करेंगे।