छज्जा गिरने के बाद छत का भाग
- फोटो : Social Media
बता दें कि इस परिसर में प्राथमिक से लेकर हायर सेकंडरी तक स्कूल लगता है, जिस क्लास में छट से प्लास्टर गिरा है। वह माध्यमिक विद्यालय की कक्षा 8वीं की घटना है। विद्यालय का भवन साल 2007 में ही बनकर तैयार हुआ था। महज 15 साल बाद ही स्कूल की छत का छज्जा गिरने से शासकीय कामों में की गई अनियमितता देखी जा सकती है।
प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में करीब 150 छात्र-छात्राएं और यहां सभी क्लास में पानी टपकता और कुछ क्लास रूम में तो बारिश के कारण करंट आ रहा है, जिसके कारण इन मासूम बच्चों की क्लास बाहर खुले आसमान के नीचे लगाना पड़ रही है। ऐसे में जिम्मेदारों की लापरवाही से कभी भी कोई गंभीर हादसा घटित हो सकता है। अब देखना है इस ओर जिम्मेदार कब ध्यान देते हैं।