सीहोर जिले में नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त दीपक कुचबंदिया (24) पिता रमेश चन्द निवासी भोपाल नाका आष्टा को प्रथम सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार चौबे आष्टा द्वारा धारा 366 (ए) भादवि में 5 साल का सश्रम कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक देवेन्द्र सिंह ठाकुर द्वारा बताया गया, घटना का विवरण है कि फरियादी ने अपने पति और ससुर के साथ थाना आकर रिपोर्ट किया कि मेरी लड़की 25 सितंबर 2020 को रात 3 बजे से बिना बताये कहीं चली गई है। मेरे द्वारा सभी जान पहचान वाले और रिश्तेदारों के यहां तलाश किया, लेकिन कहीं पता नहीं चला। मेरी लड़की की उम्र 17 साल से अधिक है। मेरी नाबालिग लड़की को संदेही दीपक कुचबंदिया बहला- फुसलाकर भगा ले गया।
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना पार्वती में मामला दर्जकर विवेचना में लिया गया। इसी दौरान अपह्रता को संदेही दीपक के कब्जे से दस्तयाब कर थाना लेकर आए और पीड़िता से पूछताछ किया। बयान में पीड़िता ने बताया, दीपक उसे बहला-फुसलाकर शादी का झांसा देकर गुजरात ले गया और मेरी मर्जी के बिना गलत काम किया।
पीड़िता के बयान के आधार पर 366, 376 (2) (एन) भादवि और 5/6 लैंगिक अपराधो से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 का इजाफा कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में स्पेशल नं 114/20 पर पेश किया गया। न्यायालय में मामले के विचारण के दौरान पीड़िता की मौत हो जाने से उसकी साक्ष्य अंकित नहीं हो पाई।
न्यायालय प्रथम सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार चौबे आष्टा, सीहोर के द्वारा अभियुक्त दीपक को धारा 366 (ए) भादवि में 5 साल का सश्रम कारावास और दो हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया गया है।