अलनीनो प्रभावित रतलाम जिले में इस साल मात्र 23 इंच बारिश हुई है, जबकि जिले की सामान्य औसत वर्षा 35.15 इंच है। कम बारिश होने से इस साल जिले में सूखे की स्थिति निर्मित होने लगी है। वहीं, कलेक्टर ने चार दिन पहले रतलाम शहर को पेयजल उपलब्ध कराने व अनेक गांवों को सिंचाई के लिए पानी देने वाले धोलावड़ बांध से सिंचाई के लिए पानी देने पर रोक लगाई है। इसे लेकर सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कलेक्टर को पत्र लिखकर आदेश वापस लेने और किसानों को रबी फसल की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, अनेक किसानों ने शासन से रतलाम को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है।
धोलावड़ बांध में सिर्फ 45 प्रतिशत पानी
उल्लेखनीय है कि 21 सितंबर 2026 को कलेक्टर अजय कटेसरिया ने विभागीय समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया था कि धोलावड़ बांध से सिंचाई के लिए जल नहीं दिया जाए। उन्होंने कहा कि बांध वर्तमान में करीब 45 प्रतिशत ही भरा है, इसलिए बांध में उपलब्ध जल को पेयजल के लिए सुरक्षित रखा जाए। कलेक्टर ने कहा था कि बारिश का दौर समाप्त हो गया है। ऐसी स्थिति में बांध से रबी फसल (गेहूं) की सिंचाई के लिए जल उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। कृषि, उद्यानिकी व संबंधित विभाग बांध के आसपास के किसानों को चना अथवा कम पानी वाली फसलें लेने के लिए समझाइश दें।
जल संरचनाओं में पानी रोकने के निर्देश
कलेक्टर ने 22 सितंबर को विभिन्न विभागों को निर्देशित किया कि अल्पवर्षा की स्थिति को देखते हुए आगामी महीनों में पेयजल, पशुओं के लिए पानी, सिंचाई तथा भू-जल स्तर के संरक्षण की दृष्टि से जिले में निर्मित जल संरचनाओं में उपलब्ध पानी यथासंभव रोका जाए। संबंधित अधिकारी सभी चेक बांध, स्टॉप बांध, एनीकट व गेटयुक्त अन्य जल संरचनाओं का तत्काल निरीक्षण करें। जिन जल संरचनाओं में तकनीकी एवं सुरक्षा की दृष्टि से जल संचयन उचित है, उनके गेट एवं शटर तत्काल बंद कर वर्षाजल का अधिकतम सुरक्षित संचयन किया जाए।
विधायक बोले- किसानों को सिंचाई का पानी मिले
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कलेक्टर को पत्र लिखकर धोलावड़ बांध से सिंचाई के लिए पानी नहीं देने के आदेश को तत्काल निरस्त अथवा पुनर्विचारित करने तथा पेयजल की जरूरत सुरक्षित रखते हुए किसानों को गेहूं व चने की फसल के लिए आवश्यक सिंचाई जल उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सैलाना विधानसभा क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य है और बड़ी संख्या में छोटे व सीमांत किसान कृषि पर निर्भर हैं। खरीफ सीजन में पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों को पहले से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में रबी की फसल किसानों की आजीविका के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
मांग नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी
डोडियार ने कृषि, जल संसाधन व जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाकर धोलावड़ बांध के जल उपयोग की समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बांध का पानी सिंचाई के लिए नहीं मिलने से किसानों में रोष है। समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो क्षेत्र में आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
किसानों ने की सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग
ग्राम पल्दुना के किसानों राकेश धाकड़, डॉ. विनोद धाकड़, विजेश सरवार, राधेश्याम धाकड़, भंवरलाल थानीवार, सुरेश नागर, लखन धाकड़, धर्मेंद्र और दीपक परिहार आदि ने मध्य प्रदेश शासन से रतलाम तहसील को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि कम बारिश के कारण खेतों में फसल सूखने की स्थिति में पहुंच गई है। उन्होंने तत्काल सर्वे कर वास्तविक स्थिति का आकलन करने, आवश्यक मापदंड पूरे होने पर रतलाम तहसील को सूखाग्रस्त घोषित करने और फसल खराब होने पर मुआवजा देने की मांग की है।