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गणेश विसर्जन के लिए भोपाल तैयार: 7 घाटों पर 13 क्रेन-12 पोकलेन और 184 गोताखोर तैनात,1665 लाइट रास्ते में लगीं

Thu, 24 Sep 2026 02:16 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में गणेश विसर्जन को लेकर नगर निगम ने सात प्रमुख घाटों पर 13 क्रेन, 12 पोकलेन और 184 गोताखोर तैनात किए हैं। घाटों और जुलूस मार्गों पर 1665 एलईडी लाइट लगाई गई हैं। श्रद्धालुओं के पानी में उतरने पर रोक रहेगी, जबकि दो दर्जन से ज्यादा स्थानों पर प्रतिमा संग्रहण केंद्र बनाए गए हैं।
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गणेश विसर्जन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गणेश उत्सव के अंतिम चरण में अब शहर में विसर्जन जुलूसों की रौनक बढ़ेगी। डोल ग्यारस से शुरू हुआ प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला अनंत चतुर्दशी तक चलेगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु चल समारोह के साथ प्रतिमाएं लेकर घाटों तक पहुंचेंगे। इसे देखते हुए नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा से लेकर प्रकाश व्यवस्था तक व्यापक इंतजाम किए हैं। शहर के सात प्रमुख विसर्जन घाटों पर 13 क्रेन, 12 पोकलेन और 184 गोताखोर तैनात किए गए हैं। घाटों पर श्रद्धालुओं के पानी में उतरने पर रोक रहेगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, ट्यूब, रस्सी और पीए सिस्टम के साथ निगम के कर्मचारी और तैराक मौजूद रहेंगे।
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जुलूस वाले रास्तों पर भी खास इंतजाम
विसर्जन के दौरान रात में निकलने वाले चल समारोह और जुलूसों को देखते हुए शहर के रास्तों पर भी रोशनी की व्यवस्था की गई है। नगर निगम ने घाटों और जुलूस मार्गों पर कुल 1665 एलईडी फ्लड लाइट लगाई हैं। इनमें 1090 लाइट घाटों पर और 575 लाइट चल समारोह के रास्तों पर लगाई गई हैं।

इन सात घाटों पर रहेगी सबसे ज्यादा निगरानी
प्रेमपुरा, रानी कमलापति, शाहपुरा, खटलापुरा, हथाईखेड़ा, मालीखेड़ी और बैरागढ़ विसर्जन घाटों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। इन घाटों पर पुलिस और नगर निगम की टीमें तैनात रहेंगी। पुलिस कंट्रोल रूम से भी इन स्थानों की निगरानी की जाएगी। पिछले दो दिनों में ही इन घाटों पर डेढ़ हजार से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका है।
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पानी में उतरने पर रहेगी रोक
घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद श्रद्धालुओं को पानी में जाने की अनुमति नहीं होगी। क्रेन और पोकलेन की मदद से प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाएगा। गोताखोर और तैराक किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगे। घाटों पर लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, ट्यूब और रस्सी के अलावा पीए सिस्टम भी लगाया गया है।

दो दर्जन से ज्यादा जगहों पर प्रतिमा संग्रहण
जिन श्रद्धालुओं के लिए घाट तक प्रतिमा ले जाना संभव नहीं होगा, उनके लिए नगर निगम ने शहर में दो दर्जन से ज्यादा स्थानों पर प्रतिमा संग्रहण केंद्र बनाए हैं। लालघाटी चौराहा, गांधी नगर, करोंद चौराहा, कोलार, रायसेन रोड और अवधपुरी समेत कई स्थानों पर स्टॉल लगाए गए हैं। श्रद्धालु पूजा के बाद यहां प्रतिमाएं जमा कर सकेंगे। निगम इन प्रतिमाओं का सामूहिक रूप से विसर्जन करेगा।

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अनंत चतुर्दशी तक चलेगा विसर्जन
डोल ग्यारस से शुरू हुआ विसर्जन अब अनंत चतुर्दशी पर चरम पर पहुंचेगा। इस दौरान शहर के अलग-अलग हिस्सों से गणेश प्रतिमाओं के साथ जुलूस निकलेंगे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के घाटों पर पहुंचने को देखते हुए पुलिस, प्रशासन और नगर निगम ने सुरक्षा, प्रकाश और विसर्जन की व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है।

 
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