कटनी जिले का रेत का ठेका विष्टा सेल्स के पास है, जिसमें सुमित अग्रवाल, बंटी गुप्ता से लेकर कई खननकर्ता शामिल हैं। जिन्हें जिले के कई नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। शायद यही वजह है कि जिला प्रशासन रेत कंपनी के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
मध्यप्रदेश के कटनी जिले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसकी एक तस्वीर समाने आई है, जिसमें नदी के बीच नियम का उल्लंघन कर रैंप बनाकर उसमें पोकलेन मशीन से रेत का खनन किया जा रहा है। यहां सात पोकलेन मशीन नदी घाटों में खड़ी पाई गईं, जिसमें से कुछ नदी से रेत निकाल रही थीं तो कुछ ट्रक में रेत लोड कर रही थीं।
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मामला बड़वारा क्षेत्र के लुहरवारा घाट का है, जहां पहले तो बड़ी-बड़ी मशीनों से नदी के बीचोबीच रेत की रोड बनाई गई। फिर सैकड़ों मजदूर लगाकर जंगलों से झाड़ियां काटकर उन रेतनुमा सड़क पर बिछाई गईं। इस तरह यहां रेत खनन का खेल जारी है, जिससे न सिर्फ मानव जीवन प्रभावित हो रहा बल्कि इससे जलीय जीवों पर संकट खड़ा हो रहा है।
कलेक्टर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया
वहीं, कटनी के कलेक्टर अवि प्रसाद ने मामले की जानकारी मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ऐसा नहीं है कि नदी घाटों में मशीन उतार कर रेत निकालने की कोई पहली घटना है। इससे पहले भी इस तरह रेत खनन होता रहता है, बावजूद इसके खनिज विभाग से लेकर जिला प्रशासन खनन माफिया पर शिकंजा कसने में नाकाम दिखाई दे रहा है।
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विष्टा सेल्स के पास है रेत का ठेका
कटनी जिले का रेत का ठेका विष्टा सेल्स के पास है, जिसमें सुमित अग्रवाल, बंटी गुप्ता से लेकर कई खननकर्ता शामिल हैं। जिन्हें जिले के कई नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। शायद यही वजह है कि जिला प्रशासन रेत कंपनी के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।