मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन के समय से अबतक हर रोज कर्ज के बोझ तले दबकर किसी न किसी किसान की जिंदगी दम तोड़ रही है। राज्य में 2 किसानों के आत्महत्या की खबर के बाद अबतक कुल 17 किसान आत्महत्या कर चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक होशंगाबाद के किसान बाबूलाल वर्मा(40) ने कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या कर ली। वहीं, नरसिंहपुर के 65 वर्षीय लक्ष्मी गोमास्ता ने सल्फास की गोलियां खाकर जान दे दी।
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सूत्रों के मुताबिक बाबूलाल वर्मा के पास आधे एकड़ की जमीन थी, जिसपर उन्होंने 7 लाख का कर्ज ले रखा था। उनपर कर्ज को चुकाने के लिए लगातार दबाव पड़ रहा था, जिसके बाद उन्होंने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद को आग के हवाले कर लिया। उन्हें गंभीर रूप से झुसली हालत में भोपाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, पर मंगलवाल के तड़के 3 बजे उनकी मौत हो गई।
लक्ष्मी गोमास्ता के बारे में जानकारी मिली है कि उन्होंने 4 लाख का लोन ले रखा था। पर दो महीने पहले उनकी गेंहू की फसल अग्निकांड में जलकर खाक हो गई। जिसके बाद से वो तनाव में थे।
गौतरलब है कि 6 जून से शुरू हुए किसानों के उग्र प्रदर्शन के बाद से लगातार किसानों की जान जा रही है। राज्य में कर्ज के बोझ तले दबकर अबतक 17 किसान अपनी जान दे चुके हैं।