मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन भले ही थमता नजर आ रहा हो लेकिन वहां अभी भी किसानों की समस्याओं का कोई समाधान होता नहीं दिख रहा है। शुक्रवार को मध्य प्रदेश में कर्ज के बोझ तले दबे एक और किसान ने आत्महत्या कर ली। इस तरह से हाल के समय में अब तक राज्य में मरने वाले किसानों की कुल संख्या 12 हो गई।
कीटनाशक दवा खाकर आत्महत्या करने वाला यह 40 वर्षीय किसान धर जिले के रामपुरा गांव का है। परिवारवालों के अनुसार, बढ़ते कर्ज की वजह से मोरी परेशान था और उसने आत्महत्या कर ली। उन्होंने बताया कि मोरी ने अपने खेत पर कर्ज लिया था जो कि उनके पिता के नाम पर दर्ज था। हालांकि स्थानीय प्रशासन इस मामले में लीपापोती करने में जुटा है।
धर के पुलिस अधीक्षक बिरेंद्र सिंह का कहना है कि मोरी ने यह खतरनाक कदम पारिवारिक विवाद की वजह से उठाया क्योंकि मृतक के नाम पर कोई जमीन नहीं है। सिंह ने आगे कहा कि वह एक आदतन शराबी था और शुक्रवार को उसका उसके परिवार के साथ झगड़ा हो गया। हालांकि उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि हाल ही में मध्य प्रदेश में कर्ज माफी, फसल उत्पादन मूल्य और अन्य मांगों को लेकर एक बड़ा किसान आंदोलन देखा गया। इस दौरान मंदसौर में हुई हिंसा में पुलिस फायरिंग में 6 जून को पांच किसानों की मौत हो गई थी। प्रदेश में 8 जून तक मरने वाले किसानों की संख्या 11 हो गई थी। इससे पहले की घटनाएं सेहोर, होशंगाबाद, रायसेन और विदिशा में घटित हुई थीं।