मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। जहां पुलिस विभाग में पदस्त आरक्षक ने खुद का अपहरण की झूठी कहानी रच ली। उसने नए नंबर से पत्नी को कॉल कर 40 लाख रुपये की फिरौती भी मांगी। शिकायत पर पुलिस मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस करते हुए करौली पहुंची तो पूरा मामला समझ आया।
दरअसल, बुधवार दोपहर सबलगढ़ थाने में लक्ष्मी रावत नाम की एक महिला पहुंची। जिसने खुद को निरार थाने में तैनात आरक्षक शिवशंकर रावत की पत्नी बताया। रोती हुए उसने पुलिस को बताया कि उसके पति का अपहरण हो गया है। अपहरण करने वाले डकैत पति को छोड़ने के 40 लाख रुपये मांग रहे हैं। रुपये नहीं देने पर पति की लाश टुकड़ों में भेजने की धमकी दे रहे हैं।
पुलिस की प्राथमिक जांच पड़ताल में मामला अपहरण जैसा ही लगा। आरक्षक की मोबाइल लोकेशन ट्रेस करते हुए सबलगढ़ थाने की पुलिस टीम करौली पहुंची। पुलिस की टीम करौली में बस स्टैंड के पास बने एक मकान में अंदर पहुंची तो नजारा देखकर हैरान रह गई। अगवा हुआ आरक्षक आराम से सोता हुआ मिला। पूछताछ में पता चला कि यह मकान आरक्षक शिवशंकर के मामा का है। उसने अपने अपहरण की झूठी कहानी रची थी, जिसमें उसका एक दोस्त भी शामिल था। पुलिस टीम ने वह मोबाइल भी जब्त कर लिया, जिससे फिरौती के लिए फोन आया था। पता चला कि यह मोबाइल आरक्षक शिवशंकर रावत का है। आरक्षक और उसके दोस्त ने आवाज बदलकर लक्ष्मी से अपहरण की बात कही और 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
आपको बता दें कि आरक्षक शिवशंकर रावत ने तीन दिन का अवकाश लिया था। वह राजस्थान के करौली जिले में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। जहां उसने अपने अपहरण की झूठी कहानी रची।