मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दमोह जिले की हटा तहसील के अंतर्गत ग्राम विंटी के ग्रामीणों की याचिका पर राज्य सरकार, कलेक्टर और एसडीओ को नोटिस जारी किया है। ग्रामीणों का कहना था कि 12 साल पहले उन्होंने तालाब बनाने के लिए जमीन दान दी थी। 12 साल से उसका उपयोग कर रहे थे। अब मत्स्य विभाग ने इस तालाब के पानी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमठ और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की बेंच ने ग्रामीणों की याचिका को सुनने के बाद राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव, कलेक्टर और एसडीओ से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई जनवरी के पहले हफ्ते में होगी।
मत्स्य विभाग को सौंपा तालाब
ग्राम विंटी के निवासी सुरेंद्र सिंह ने यह याचिका दाखिल की है। उनके वकील अतुलानंद अवस्थी ने बताया कि हाल ही में राज्य सरकार ने गांव के तालाब को मत्स्य विभाग को सौंप दिया है। विभाग ने मत्स्य पालन का बहाना बनाते हुए ग्रामीणों को तालाब के पानी के इस्तेमाल से रोक दिया है। यह अनुचित है। हाईकोर्ट ने कलेक्टर, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव और एसडीओ से चार हफ्ते में जवाब मांगा है।