जबलपुर हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने सरकार को निर्देशित किया है कि पॉक्सो एक्ट की धारा-43 के तहत सजा के प्रावधानों का प्रचार-प्रसार करे, जिससे युवाओं को इस एक्ट के कठोर प्रावधानों की जानकारी मिले। सरकार के संज्ञान में लाने के लिए एकलपीठ ने आदेश की प्रति सरकारी अधिवक्ता को उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी किए हैं।
पॉक्सो एक्ट के तहत जेल में निरूद्ध पंकज प्रजापति उम्र 24 की तरफ से दूसरी जमानत याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि युवक व किशोरी के बीच प्रेम-संबंध थे और दोनों घर से भाग गए थे। किशोरी के गायब होने पर हरदा जिले के होण्यिका थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। पुलिस ने याचिकाकर्ता युवक के खिलाफ बलात्कार,अपहरण तथा पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया था। युवक विगत अक्तूबर 2022 से जेल में निरूद्ध है। किशोरी की उम्र 17 साल एक महीने है और दोनों ने सहमति से शारीरिक संबंध बनाए थे। न्यायालय में भी किशोरी ने इस संबंध में अपने बयान दर्ज करवाए हैं।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता ने एकलपीठ को बताया कि पॉक्सो एक्ट की धारा-43 में प्रावधान है कि कानून व सजा के संबंध में सरकार प्रचार-प्रसार करे। एक्ट को लागू हुए दस साल से अधिक का समय हो गया है। सरकार द्वारा प्रचार-प्रसार नहीं किए जाने के कारण युवाओं को एक्ट में सजा का प्रावधानों की जानकारी नहीं है। एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को जमानत का लाभ प्रदान करते हुए आदेश जारी किए।