जबलपुर के न्यू लाइफ अस्पताल अग्निकांड में हुई आठ व्यक्तियों की मौत तथा नियम विरूध्द तरीके से अस्पताल संचालन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। मंगलवार को याचिकाओं पर संयुक्त रूप से हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पेश फ्री एक्शन टेकन रिपोर्ट को याचिकाकर्ताओं ने आधी-अधूरी करार दिया।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने फ्री एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी किए हैं। लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के प्रेसीडेंट विशाल बघेल, शैलेन्द्र बारी की तरफ से दायर याचिका में जबलपुर में नियम विरूध्द तरीके से प्राइवेट अस्पताल को संचालन की अनुमति प्रदान को चुनौती दी गई थी।
याचिका में कहा गया था कि कोरोना काल में विगत तीन साल में 65 निजी अस्पलातों को संचालन की अनुमति दी गई है, जिन अस्पतालों को अनुमति दी गई है, उनमें नेशनल बिल्डिंग कोड, फायर सिक्योरिटी के नियमों का पालन नहीं किया गया है। जमीन के उपयोग का उद्देश्य दूसरा होने के बावजूद भी अस्पताल संचालन की अनुमति दी गई है।
बिल्डिंग का कार्य पूर्ण होने का प्रमाण-पत्र नहीं होने के बावजूद भी अस्पताल संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। भौतिक सत्यापन किए बिना अस्पताल संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। याचिका पर हुई पिछली सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश की गई थी। मंगलवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि एक्शन टेकन रिपोर्ट आधी-अधूरी है। सुनवाई के बाद युगलपीठ ने आदेश जारी किए।