जबलपुर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी (जेएमएफसी) आनंद कुमार गोयल की अदालत ने एक परिवाद की सुनवाई करते हुए ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को तलब किया है। इस परिवाद में आरोप लगाया गया है कि शंकराचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की थीं। अदालत ने अगली सुनवाई 12 नवंबर को तय की है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर यह है आरोप
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परिवाद में धार्मिक भावनाएं आहत होने का दावा
परिवाद में कहा गया है कि इन बयानों से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई और धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। शिकायत पहले पुलिस को दी गई थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर अदालत में परिवाद दायर किया गया। परिवाद में मांग की गई है कि शंकराचार्य के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज किया जाए।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने माना कि लगाए गए आरोप गंभीर हैं और इस तरह के अपराध में पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। इसलिए अदालत ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को अगली तारीख पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। वादी की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पैरवी की।