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Indore News: बारिश से मिली इंदौर को राहत, मौसम में घुली ठंडक, फसलों को मिली संजीवनी

Thu, 07 Sep 2023 03:25 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

अगले दो दिन भी बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद, सोयाबीन की सूख रही फसलों को फिर से मिलेगा जीवन, बारिश का कोटा पूरा होने से अभी भी बहुत दूर।
 
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INDORE NEWS - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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बादल एक बार फिर शहर पर मेहरबान हो गए हैं। पिछले कई दिनों से रुठे बादलों ने बुधवार को शहर में डेरा डाला और बुधवार से शुरू हुआ बारिश का दौर गुरुवार दोपहर तक जारी है। रात से हो रही बारिश के बाद गुरुवार सुबह तक इंदौर में करीब पौन इंच बारिश रिकार्ड की जा चुकी है। इसके साथ ही इंदौर में 25 इंच के आंकड़े को पार कर लिया है। वहीं गौतमपुरा और देपालपुर में कल से अब तक पौने दो इंच से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग की मानें तो आज दिन में तेज बारिश देखने को मिलेगी। बारिश से लोगों को गर्मी से भी राहत मिली है। मंगलवार को जहां दिन का तापमान 33.4 डिग्री (+4) था वह 30 डिग्री (सामान्य) सेल्सियस पर आ गया है। ऐसे ही मंगलवार रात का तापमान जहां 22.8 डिग्री सेल्सियस (+2) था, वह बुधवार रात को मामूली गिरावट के साथ 22.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
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सितंबर से उम्मीदें बंधी हुई
बारिश के लिए जुलाई व अगस्त माह सबसे खास माने जाते हैं। इस बार जुलाई में हुई बारिश ने तो शहर को तर कर दिया लेकिन अगस्त माह की बारिश ने काफी निराश किया। लोग बारिश न होने से बहुत परेशान थे लेकिन सितंबर के पहले सप्ताह से फिर राहत मिलना शुरू हो गई है। बुधवार और गुरुवार को शहर के अधिकांश हिस्सों में बारिश शुरू हुई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 12 सितंबर से बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम बन रहा है। अगर यह स्ट्रांन्ग रहा तो अभी जितनी कमी है उससे आधी की पूर्ति हो सकती है। रिकॉर्ड देखा जाए तो 2019, 2020, 2021 और 2022 बारिश के मामले में मेहरबान रहा है। इससे पहले 2018 में जिले में औसत करीब 28 इंच ही बारिश हुई थी। जबकि जिले का कोटा 37 इंच माना जाता है। इस बार 25 इंच के करीब बारिश हुई है और अगस्त पूरी तरह सूखा गया है। ऐसे में सितंबर से ही आस है। 

फसलों को मिलेगी राहत
किसानों का कहना है कि सोयाबीन की फसल को तो बहुत अधिक नुकसान हो चुका है और उसकी भरपाई मुश्किल है। अगर आने वाले दिनों में बारिश ठीक हुई तो गेहूं की फसल ठीक हो सकती है। यदि बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ तो आगे बहुत परेशानियां खड़ी हो सकती हैं।
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