नगर निगम का वार्ड चुनाव जीते चिंटू चौकसे खुद इस बार कांग्रेस के उम्मीदवार थे, लेकिन वे खुद अपने वार्ड से जीत नहीं पाए। वार्ड क्रमांक 21 से भाजपा उम्मीदवार रमेश मेंदौला को थोकबंद वोट मिले।
इंदौर की 9 विधानासभा सीटों मेें से एक भी सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार जीत नहीं पाया। जो कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव मैदान में खड़े थे, वे अपने वार्डों में ही चुनाव जीत नहीं पाए। विधानसभा क्षेत्र के वार्डवार वोटों का विश्लेषण करने पर पता चला कि इंदौर के 85 वार्डों मेें से कांग्रेस सिर्फ 9 वार्डों में ही भाजपा से बढ़त बना पाई।
नगर निगम का वार्ड चुनाव जीते चिंटू चौकसे खुद इस बार कांग्रेस के उम्मीदवार थे, लेकिन वे खुद अपने वार्ड से जीत नहीं पाए। वार्ड क्रमांक 21 से भाजपा उम्मीदवार रमेश मेंदौला को थोकबंद वोट मिले। उनके साथी राजू भदौरिया निगम चुनाव में दो हजार वोटों से चुनाव जीते, लेकिन विधानसभा चुनाव में वे अपने साथी चिंटू के लिए ज्यादा वोट नहीं ला सके।
इस तरह संजय शुक्ला भी अपने गृह वार्ड 10 से चुनाव नहीं जीत पाए। यहां से भाजपा उम्मीदवार कैलाश विजयवर्गीय को लीड मिली। वार्ड 20,वार्ड 23 से भी चिंटू को ज्यादा वोट नहीं मिले।
पांच नंबर विधानसभा में वार्ड 45 में निगम चुनाव सोनाली मिमरोट ने जीता था, लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार महेंद्र हार्डिया को बढ़त मिली। राऊ विधानसभा सीट के कांग्रेस उम्मीदवार जीतू पटवारी बिजलपुर वार्ड में रहते है, लेकिन उस वार्ड से भी वे चुनाव नहीं जीत पाए। इस विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 75 और 76 से भी भाजपा उम्मीदवार मधु वर्मा को ज्यादा वोट मिले।
इन वार्डों मेें जीत पाई कांग्रेस
कांग्रेस को चंदननगर के वार्ड 2 में भाजपा से ज्यादा वोट मिले। यह वार्ड एक नंबर विधानसभा क्षेत्र में आता है। खजराना क्षेत्र के वार्ड 39 , आजाद नगर के वार्ड 53 में कांग्रेस उम्मीदवार सत्यनारायण पटेल को भाजपा उम्मीदवार महेंद्र हार्डिया से ज्यादा वोट मिले।