क्लिनिक में हार्ट अटैक आया तो डॉक्टर ने बड़े अस्पताल ले जाने के लिए पुलिस को बुलाया, पुलिस एक घंटे बाद आई। देर होने की वजह से मरीज ने बड़े अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया।
इंदौर के परदेशीपुरा इलाके में रहने वाले एक ऑटो चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ऑटो चालक की तबीयत अचानक बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। हालांकि, इस मामले में पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। मृतक की पहचान सोनू पुत्र देवीदास मतकर निवासी शिवाजी नगर के रूप में हुई है। वह सुभाष नगर इलाके से ऑटो चलाकर भाग्यश्री अस्पताल पहुंचा था। यहां पर उसने डॉक्टर से अपनी तबीयत खराब होने की शिकायत की। डॉक्टर ने उसका चेकअप शुरू किया, लेकिन अचानक सोनू को दिल का दौरा पड़ गया और वह गिर पड़ा।
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डॉक्टर ने आधार कार्ड से ढूंढा मरीज का पता
डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ इस स्थिति से घबरा गया। मरीज के साथ कोई परिजन नहीं होने के कारण उन्होंने पुलिस को सूचना दी लेकिन पुलिस ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद डॉक्टर ने खुद ही मरीज के आधार कार्ड से उसका पता ढूंढा और उसके परिजनों को सूचना दी। परिजनों के आने के बाद मृतक को सीएचएल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भाग्यश्री नर्सिंग होम के डॉक्टर सुयश ठाकुर ने बताया कि जब मरीज उनके पास आया तो वह चेकअप कर रहे थे। अचानक मरीज गिर पड़ा तो उन्होंने उसे संभाला और सीपीआर देने की कोशिश की लेकिन मरीज के साथ कोई परिजन नहीं था और उनके पास इलाज के पर्याप्त साधन भी नहीं थे। इसलिए उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस वाले बहस करते रहे
डॉक्टर के मुताबिक, पुलिस ने मदद नहीं की बल्कि उनसे बहस भी की। इसके बाद डॉक्टर ने खुद ही मरीज के परिजनों को ढूंढा। लगभग एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। डॉक्टर का कहना है कि यदि पुलिस समय पर पहुंच जाती तो शायद मरीज की जान बच सकती थी। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।