मो. अशफ़ाक़ के ऑफिस में घुसकर हंगामा करते सदस्य।
- फोटो : Amar Ujala Digital
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सीहोर पिछले पांच दिन से अनिश्वितकालीन धरने पर बैठी हुई है। जिला सीहोर स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान में चल रही अनियमिताओं को लेकर अभाविप ने पहले भी विरोध प्रदर्शन कर डिप्टी रजिस्ट्रार मो. अशफाक को निलंबित करने की मांग की थी।
जिला संयोजक शुभम व्यास ने बताया कि तब राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान के डायरेक्टर रेड्डी सर एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि आपकी मांगें जल्द से जल्द पूरी होंगी, लेकिन एक माह बाद भी इस विषय में अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। साथ ही अभाविप पिछले पांच दिनों से धरना प्रदर्शन पर बैठी है। फिर भी कोई भी प्रशासनिक अधिकारी अभी तक मिलने नहीं आया है। आरोपी मो. अशफाक पर आर्थिक गबन के आरोप सिद्ध हो चुके हैं फिर भी शासन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
सोमवार को डिप्टी रजिस्ट्रार मो. अशफाक को संस्थान में उपस्थित होना था परन्तु अभाविप के धरना प्रदर्शन की वजह से वो बार-बार संस्थान छोड़कर भाग रहा है, जिसको लेकर पांचवें दिन अभाविप कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन चालू कर दिया, जिसमें उन्होंने मो. अशफ़ाक़ के ऑफिस में घुसकर गुमशुदा होने के पोस्टर चिपकाए और पोस्टर पर कालिख पोती और जमकर नारेबाजी की उसी समय प्रशासन से भी अभाविप कार्यकर्ताओं की जमकर बहसबाजी हुई। करीब एक घंटे चली इस बहसबाजी में सीएसपी निरंजन सिंह राजपूत द्वारा कार्यकर्ताओं को समझाइश देकर शांत कराया गया। ज्ञात रहे मो. अशफाक पर पौराणिक ग्रंथों की गलत व्याख्या करने एवं अन्य अनियमिताओं के भी आरोप है। एवीबीपी कार्यकर्ताओं का कहना है की जबतक डिप्टी रजिस्ट्रार मो. अशफाक को निलंबित नहीं किया जाता तब तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन में भारी संख्या में अभाविप कार्यकर्ता उपस्थित रहे।