प्रशासन द्वारा भूमाफियाओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के मामले में नए मामले सामने आ रहे हैं। अब तक को बिना अनुमति निर्माण हो रहे थे और जमीनों की हेराफेरी की जा रही थी। अब जो मामला आया है उसमें यह पता चला है कि सरकारी जमीन पर भी कॉलोनी काटकर मकान बेचे जा रहे हैं।
ऐसा ही मामला इंदौर में सामने आया है जहां नगर निगम ने सरकारी जमीन पर बनाए गए मकानों को जमींदोज किया है। जो बच गए हैं उनके मालिकों को नोटिस दिए हैं कि मकान खाली कर लें। नगर निगम ने यह कार्रवाई है। ग्रीन बेल्ट की जमीन पक्के निर्माण नहीं हो सकते, लेकिन यहां पर पक्के मकान बना लिए गए थे।
निगम को मिल रही थी शिकायत
जानकारी के अनुसार सरकारी जमीन पर बने मकान और नजूल की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर नगर निगम को शिकायत मिल रही थी। निगम भी इस तरह के मामले चिन्हित कर रहा था। लिंबोदी व शिवधाम सेक्टर के पास चार एकड शासकीय भूमि में मकान बने हुए मिले। ये मकान अश्विन अग्रवाल, अतित, सत्येंद्र और सिकंदर ने बनाए थे। बनाने के बाद इनको कुछ परिवारों को बेच दिया। निगम ने इनको नोटिस दिए। कुछ मकानों को सोमवार को तोड़ा गया। शासकीय जमीन की कीमत लगभग दस करोड़ बताई जा रही है।