मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री ओंकार सिंह मरकाम ने कहा जब एक राज्यसभा सदस्य एक प्रशासनिक कार्यक्रम को संबोधित कर सकता है, तो मुझे बोलने का मौका क्यों नहीं दिया गया।
कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री ओंकार सिंह मरकाम मंगलवार को मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले में राज्य के राज्यपाल मंगूभाई पटेल के साथ एक कार्यक्रम में थे। इस दौरान उनको राज्यपाल की मौजूदगी में बोलने की अनुमति नहीं दी इससे वह गुस्सा हो गए और बहस करने लगे।
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पूर्व मंत्री मरकाम का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, इसमें वे कुछ नेताओं से बहस करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वहां मौजूद लोगों ने बताया कि राज्यपाल उनसे बात करने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद राज्यपाल को उनके सुरक्षाकर्मियों ने मंच से उतार लिया।
मरकाम से गुस्सा होने वजह पूछी गई तो उन्होंने कहा कि जब एक राज्यसभा सदस्य एक प्रशासनिक कार्यक्रम में संबोधित कर सकता है, तो मुझे बोलने का मौका क्यों नहीं दिया गया। इसलिए मैंने अपना विरोध दर्ज कराया। डिंडोरी के जिला कलेक्टर रत्नाकर झा से संपर्क नहीं हो सका क्योंकि वह राज्यपाल के कार्यक्रम में व्यस्त थे।
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वहां पर मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि मरकाम कार्यक्रम के अंत में बोलने के लिए मंच पर माइक पर पहुंचे, जब राज्यसभा सांसद संपतिया उइके और राज्यपाल ने अपना भाषण दिया। जब वह माइक के पास पहुंचे तो अधिकारियों ने उसे बंद कर दिया, जिससे विधायक नाराज हो गए।
कार्यक्रम का आयोजन डिंडोरी जिले के बड़गाव में जाति कल्याण केंद्र की रजत जयंती के उपलक्ष्य में किया गया था। मरकाम ने मध्यप्रदेश में पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान आदिवासी कल्याण मंत्री के रूप में कार्य किया था।