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Year Ender: लोकसभा चुनाव में BJP की बड़ी जीत तो उपचुनाव में कांग्रेस ने पलटा पांसा, सियासत के लिए ऐसा रहा 2024

Mon, 30 Dec 2024 09:16 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

Year Ender: 2024 मध्य प्रदेश की सियासत में बड़े बदलावों और उतार-चढ़ावों का साल रहा। लोकसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया। वहीं, कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का भाजपा में शामिल होना और विधानसभा उपचुनाव के परिणाम ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए। 2024 ने यह साबित कर दिया कि मध्य प्रदेश की राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं है।
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मध्य प्रदेश का साल 2024 का सियासी सफर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साल 2024 मध्य प्रदेश की राजनीति के लिए बेहद अहम और हलचल भरा रहा। लोकसभा चुनाव से विधानसभा उपचुनाव और दल-बदल की राजनीति से लेकर चर्चित विवादों तक, राज्य की सियासत में कई अप्रत्याशित घटनाएं घटीं। इन घटनाओं ने न केवल प्रदेश की राजनीति का रुख बदला, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चाओं का केंद्र बनीं। आइए, इस साल के प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रमों पर एक नजर डालते हैं।
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कमलनाथ का गढ़ भी ध्वस्त
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा था। यहां पर पार्टी 29 की 29 सीटें हार गई। इस चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे और कांग्रेस के छिदवाड़ा से प्रत्याशी नकुलनाथ को एक लाख से ज्यादा वोटों से हार का सामना करना पड़ा। उनको भाजपा प्रत्याशी विवेक बंटी साहू ने शिकस्त दी। भाजपा नेताओं ने कमलनाथ को घेर कर उनके गढ़ में ही हराया। छिंदवाड़ा चुनाव परिणाम काफी चर्चा में रहे। लोकसभा चुनाव में  राजगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह को भी हार का सामना करना पड़ा था। मध्य प्रदेश में यह भाजपा की बड़ी जीत थी। 

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इंदौर में कांग्रेस प्रत्याशी का नाम वापसी का झटका
लोकसभा चुनाव के बीच 29 अप्रैल को इंदौर में एक बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। इंदौर में कांग्रेस ने अक्षय कांति बम को अपना प्रत्याशी बनाया था। वह अपना प्रचार भी शुरू कर दिया लेकिन बम ने कांग्रेस को बड़ा झटका। नाम वापसी के अंतिम दिन कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद उनकी भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के साथ उनका फोटो वायरल हुआ। इस घटनाक्रम की खूब चर्चा हुई। 

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कमलनाथ के भाजपा में जाने की अटकलें 
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के भविष्य को लेकर भी अटकलें शुरू हुई। फरवरी 2024 में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ के भाजपा में शामिल होने की खूब चर्चा हुई। इन अटकलों को पूर्व मुख्यमंत्री की खामोशी ने भी खूब हवा दी। हालांकि बाद में उनके करीबियों ने इन अफवाहों का खंडन किया। 

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भाजपा ने लोकसभा प्रत्याशियों की लिस्ट से चौंकाया 
लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा ने जीत की रणनीति को लेकर अपने प्रत्याशियों का चयन किया। साथ ही अपने प्रत्याशियों की सूची से भाजपा ने सभी को चौंका दिया। इस लिस्ट में कई प्रमुख नेताओं को फिर से उम्मीदवार बनाया गया, जबकि कई पुराने सांसदों के टिकट काट दिए और नए चेहरों को मौके दिए गए। भाजपा ने भोपाल से सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर, गुना सांसद केपी यादव का टिकट काट दिया। यादव का टिकट काट कर गुना-शिवपुरी सीट से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को उम्मीदार बनाया गया। वहीं, विदिशा सीट से शिवराज सिंह चौहान से प्रत्याशी बनाया गया।  इस राजनीतिक घटनाक्रम की खूब चर्चा हुई। 

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पचौरी समेत कई कांग्रेस के नेता भाजपा में शामिल 
लोकसभा चुनाव के बीच में कई कांग्रेस नेताओं ने भाजपा ज्वाइन की। भाजपा की तरफ से पूरे प्रदेश में दो लाख से ज्यादा कांग्रेस के नेता, विधायक, पूर्व विधायक और कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने का दावा किया गया। इसमें सबसे बड़ा नाम पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी के नाम ने सबको चौंका दिया। पचौरी कांग्रेस पार्टी में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पचौरी के साथ कई अन्य नेताओं ने भी भाजपा की सदस्यता ली। यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका था। 
 
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पूर्व मंत्री दीपक जोशी की घर वापसी 
भाजपा सरकार में मंत्री रहे और पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे दीपक जोशी विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस में शामिल हो गए थे। उन्होंने मध्य प्रदेश में नवंबर माह में उपचुनाव के बीच कांग्रेस छोड़कर फिर भाजपा में शामिल हो गए। 

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वन मंत्री रामनिवास रावत को झटका 
लोकसभा चुनाव के बीच कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद वन मंत्री बनाए गए रामनिवास रावत को उपचुनाव में बड़ा झटका लगा। उनको विजयपुर सीट से उपुचनाव में हार का सामना करना पड़ा। इस सीट पर दावा किया जा रहा था कि रामनिनवास रावत आसानी से चुनाव जीत जाएंगे। इसके लिए भाजपा ने भी पूरा जोर लगा दिया, लेकिन उपचुनाव के रिजल्ट भाजपा के विपरित आए। रावत को कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा ने करीबी मुकाबले में उनको चुनाव हराया। 
 
निर्मला सप्रे भाजपा में या कांग्रेस में? 
सागर जिले की बीना विधानसभा से विधायक निर्मला सप्रे भाजपा में है या कांग्रेस में इसको लेकर खूब चर्चा रही। दरअसल यह सवाल इसलिए है कि निर्मला सप्रे ने लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने इसके लिए सागर को जिला बनाने की शर्त रख दी। लेकिन सागर को जिला बनाने में पेंच फंस गया। जिसके बाद ना तो वह भाजपा में रही ना ही कांग्रेस में। हालांकि उनको भाजपा की बैठकों में शामिल होते कई बार देखा गया। कांग्रेस ने उनकी सदस्यता रद्द करने शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। अब मामला हाईकोर्ट में है। 

52 किलो का सोना मिला... भाजपा के मंत्री का नाम 
राजधानी भोपाल में कार में 52 किलो सोना और 10 करोड रुपए मिलने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई। इस पूरे मामले का कनेक्शन परिवहन विभाग से जुडा। इसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भाजपा सरकार के मंत्री और पूर्व परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कनेक्शन होने का आरोप लगा दिया। हालांकि इन आरोपों को गोविंद सिंह ने झूठा और तथ्यहीन बताया। साथ ही पूरे मामले की जांच की बात कही। वहीं, इस मामले में दिग्विजय सिंह को 10 करोड़ रुपए का मनहानी का नोटिस भेजा गया। 

बेटमार विधायक आकाश विजयवर्गीय को राहत की भी चर्चा 
भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ 2019 में नगर निगम के अधिकारी को बल्ले से पिटने का मामला सामने आया था। इस मामले में कोर्ट ने उनको बरी कर दिया था। इसको लेकर सवाल उठे और इस मामले की खूब चर्चा हुई। 
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