उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर को हटा कर रास्ता निकालने की योजना के बीच पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर मामले का ऐसा समाधान निकालने की अपील की है, जिसमें विकास के साथ धार्मिक आस्था का भी सम्मान हो। उमा भारती ने कहा कि उज्जैन और वहां के धार्मिक स्थलों की गरिमा को मुख्यमंत्री से बेहतर कोई नहीं समझ सकता। उमा भारती ने अपने पत्र में उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर के समाधान के लिए भोपाल में अपनाए गए एक पुराने उदाहरण का हवाला दिया है।
उमा भारती ने लिखा कि शिवराज सिंह चौहान की सरकार के समय भोपाल में कमला पार्क के आगे सड़क का चौड़ीकरण किया गया था। उस दौरान वहां स्थित मस्जिद को नहीं छुआ गया और सड़क का पूरा प्लान बदलकर निर्माण किया गया था। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि विकास और आस्था को साथ लेकर चलने की इसी सोच से उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर का भी समाधान निकाला जा सकता है।
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‘आप स्वयं उज्जयिनी के हैं...’
उमा भारती ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा कि “आप स्वयं उज्जयिनी के ही हैं, उज्जयिनी शहर और उज्जयिनी के सभी धार्मिक स्थानों की गरिमा को आपसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता।” उन्होंने कहा कि खड़े हनुमान मंदिर का समाधान मुख्यमंत्री स्वयं भी सोच रहे होंगे। यह पत्र ऐसे समय आया है जब सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए खड़े हनुमान मंदिर को हटाने का मामला लगातार चर्चा में है। करीब 170 साल पुरानी प्रतिमा को हटाने की कोशिशों के बाद भी वह अपनी जगह से नहीं हिली। मामले को लेकर श्रद्धालुओं में आस्था का भाव और प्रशासन के सामने सड़क चौड़ीकरण की चुनौती दोनों बनी हुई हैं।
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